बिलासपुर। इंदिरा आवास योजना के तहत दो लाख रुपये दिलाने का झांसा देकर ठगों ने एक महिला से सोने के जेवर ठग लिए। रिश्तेदार के घर से लौट रही महिला को भरोसे में लेकर बाइक में बैठाकर इधर-उधर घुमाया गया और रुपये मिलने की बात कहकर अमानत के नाम पर गले से सोने की माला उतरवा ली गई। दूसरे दिन ठग के नहीं आने पर परिजन को जानकारी दी गई, तब जाकर ठगी का खुलासा हुआ। महिला की शिकायत पर सिविल लाइन पुलिस ने जुर्म दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

सीपत क्षेत्र के पंधी गांव में रहने वाली जानकी भट्ट (61) रोजी-मजदूरी कर जीवनयापन करती हैं। वे हाल ही में अपनी ननद के घर कवर्धा गई थीं। बुधवार की दोपहर करीब तीन बजे वे कवर्धा से बिलासपुर पहुंचीं। महाराणा प्रताप चौक के पास बस से उतरने के बाद वे सीपत जाने के लिए बस का इंतजार कर रही थीं। इसी दौरान एक अधेड़ उम्र का व्यक्ति उनके पास आया और बातचीत शुरू की। महिला के अनुसार, अनजान व्यक्ति ने खुद को सरकारी काम से जुड़ा बताते हुए कहा कि उनका इंदिरा आवास स्वीकृत हो चुका है और इसके तहत उन्हें दो लाख रुपये मिलने हैं। उसने यह भी बताया कि तहसील के पास स्थित एक बैंक से राशि निकाली जानी है। बातों में उलझाकर वह उन्हें बाइक में बैठाकर अपने साथ ले गया। बाइक पर उसके साथ एक युवक भी मौजूद था। तहसील के पास पहुंचने पर आरोपियों ने महिला को बाइक से उतारा और किसी मैडम से बात कराने का बहाना किया। एक मोबाइल फोन से कॉल लगाकर वे कुछ देर बात करते रहे, जिससे महिला को भरोसा हो गया। इसके बाद उन्होंने कहा कि रुपये अगले दिन मिल जाएंगे, लेकिन प्रक्रिया पूरी करने के लिए कुछ अमानत रखनी होगी। जब महिला ने बताया कि उनके पास नकद रुपये नहीं हैं, तो आरोपियों ने कान या गले में पहने सोने के जेवर मांग लिए। आरोपियों की बातों में आकर महिला ने अपने गले में पहनी सोने की माला उन्हें सौंप दी। जेवर लेते ही दोनों वहां से चले गए और अगले दिन आने का आश्वासन दिया। हालांकि, दूसरे दिन उनके नहीं लौटने पर महिला को संदेह हुआ और उसने परिजन को पूरी बात बताई। तब जाकर यह स्पष्ट हुआ कि उनके साथ ठगी हुई है। इसके बाद जानकी भट्ट ने सिविल लाइन थाने पहुंचकर घटना की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने महाराणा प्रताप चौक और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं। फुटेज के आधार पर ठगों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
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