बलौदा बाज़ार जिले से एक अत्यंत दुखद घटना सामने आई है, जिसने पुलिस प्रशासन से लेकर आम जन तक सभी को गहरे सदमे में डाल दिया है। ग्राम सुहेला में सड़क किनारे बनी एक अस्थायी झोपड़ी में आग लगने से एक वृद्ध महिला की जलकर मृत्यु हो गई।
इस संबंध में मिली जानकारी के मुताबिक सुहेला–हथबंध मेन रोड किनारे स्थित देवार डेरा झोपड़ी में आग लगने की सूचना सुहेला थाना पुलिस को मिली। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुँची और जांच-पड़ताल शुरू की।
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि मृतका ने झिल्ली, डंगाल और पतली लकड़ियों से एक अस्थायी झोपड़ी बनाई हुई थी। बताया जा रहा है कि रात के समय उसने ठंड से बचने के लिए अलाव जलाया और वहीं सो गई। प्रथम दृष्टया माना जा रहा है कि अलाव की चिंगारी से ही झोपड़ी में आग लगी, जिसके कारण महिला बाहर नहीं निकल सकी और उसकी दर्दनाक मौत हो गई।
मृत महिला की पहचान आशा बाई के रूप में हुई है, जो कबाड़ बीनकर अपना जीवनयापन करती थी। आर्थिक रूप से कमजोर और अकेलेपन में जीवन बिताने वाली इस महिला की असामयिक मृत्यु ने मानव जीवन के कष्ट, गरीबी और बेबसी की उस कठोर सच्चाई को उजागर कर दिया है, जिसे समाज अक्सर अनदेखा कर देता है।
पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर आगे की तस्दीक और जांच शुरू कर दी है।
यह घटना एक बार फिर इस बात की ओर ध्यान आकर्षित करती है कि खुले आसमान के नीचे जीवनयापन कर रहे गरीब और बेसहारा लोगों की सुरक्षा और सहूलियतों पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है।
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