जशपुर पुलिस ने गौ-तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन शंखनाद के तहत एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए फरसाबहार क्षेत्र से 13 गौवंशों को तस्करों के कब्जे से मुक्त कराया है। तस्कर टमाटर से भरी सब्जियों की आड़ में गौवंशों को ठूंस-ठूंसकर झारखंड ले जा रहे थे। पुलिस की सक्रियता से तस्करी का यह नया तरीका पकड़ा गया।
जानकारी अनुसार, 25 नवंबर की रात लगभग 3 बजे फरसाबहार थाने को मुखबिर से सूचना मिली कि सफेद रंग की पिकअप वाहन क्रमांक JH-01DQ-5773 में भारी मात्रा में गौवंशों को भरकर झारखंड की ओर ले जाया जा रहा है। आरोपियों ने पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए गौवंशों के ऊपर टमाटर की कैरेट रखकर सब्जी ढुलाई जैसा रूप दिया था।
पुलिस ने तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराते हुए नाकेबंदी की और संदिग्ध पिकअप का पीछा किया। पीछा करता देख चालक वाहन को तेजी से भगाते हुए ग्राम पमशाला के पास नियंत्रण खो बैठा और पिकअप को खेत में उतारकर अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गया।

मौके पर पहुंचे पुलिस दल ने वाहन की तलाशी ली तो टमाटर की कैरेट के नीचे शेड बनाकर 13 गौवंशों को बेरहमी से ठूंसकर रखा गया था। इनमें से एक गौवंश की मृत्यु हो चुकी थी। मृत गौवंश का पशु चिकित्सक से पोस्टमॉर्टम कराकर विधिवत अंतिम संस्कार कराया गया। शेष 12 गौवंशों को सुरक्षित बरामद कर उनका स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया गया।
पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त पिकअप वाहन को जप्त कर लिया है तथा फरार चालक एवं अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। वाहन के नंबर के आधार पर भी पतासाजी की जा रही है।

इस मामले में थाना फरसाबहार में बीएनएस की धारा 281 तथा छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम की धारा 4, 6 व 10 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी गई है।
कार्रवाई में उप निरीक्षक सुरजन राम पोर्ते, सहायक उप निरीक्षक भीमसेंट टोप्पो, आरक्षक नीरज तिर्की एवं ईश्वर साय की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि पशु तस्कर लगातार नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं, किंतु पुलिस भी अपने मुखबिर तंत्र के साथ सतर्क है। टमाटर की आड़ में हो रही इस तस्करी का भंडाफोड़ किया गया है। फरार आरोपी जल्द ही गिरफ्त में होंगे। गौ-तस्करी में संलिप्त किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
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