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March 6, 2026 9:23 am

वार्डों के आरक्षण की गाज कई धुरंधर पार्षदों पर ऐसे गिरी कि अगल बगल के वार्ड से भी नही लड़ पाएंगे, कार्यकर्ताओं मे उत्साह ,मौका मिलने की आस,जनता को पेशवर नेताओं से मिलेगी मुक्ति

बिलासपुर। नगर निगम चुनाव के लिए वार्ड आरक्षण की प्रक्रिया आज शाम पूरी  हो गई । आरक्षण मे कई धुरंधर पार्षदों के लिए ऐसी स्थिति निर्मित हो गई है कि वे आजु बाजु के वार्ड से भी चुनाव नही लड़ पाएंगे।नगर निगम की  राजनीति मे पिछले 20 ,25 साल से सक्रिय रहते हुए कभी खुद तो कभी पत्नी और रिश्तेदारो को पार्षद बनवाने वाले नेताओं उनके वार्ड के कार्यकर्ता भी यह सोच सोच कर खफा रहते थे कि उनका नंबर कभी आएगा भी या नही या फिर दरी ,कुर्सी उठाते बिछाते पुरी जिंदगी गुजर जाएगी लेकिन राजनीति मे संभावनाओं पर भरोसा करने वाले कार्यकर्ताओ मे आज हुए आरक्षण से बेहद खुशी है यही नही ऐसे कई वार्ड के मतदाता भी राहत की  सांस ले रहे जो एक ही चेहरे और बारी बारी पति पत्नी को ही पार्षद चुनते चुनते बोर होने लगे थे।यह तो राजनैतिक दलों के नेताओं को चिंतन करना चाहिए कि एक ही परिवार से कितने बार पार्षद हो ,सामान्य कार्यकर्ताओ को भी एक निश्चित समय पर मौका मिलनी ही चाहिए । आज सम्पन्न आरक्षण प्रक्रिया मे प्रभावित होने वालों मे महापौर रामशरण यादव ,नेता प्रतिपक्ष अशोक विधानी,सभापति शेख नजरुद्दीन,वरिष्ठ पार्षदों,राजेश शुक्ला,रामा बघेल,दुर्गा सोनी,रंगा नादम, राजेश सिंह,राजेश दूसेजा,समेत और भी कई पार्षद शामिल है ।

देंखे आरक्षण के बाद वार्डवार स्थिति और वर्तमान पार्षदों के नाम*

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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