
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने दिखाई हरी झंडी; रोजगार, शिक्षा और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा
CBN36 नई दिल्ली। राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच रेल संपर्क मजबूत करने की दिशा में एक नई पहल की गई है। सोमवार, 26 अक्टूबर को जयपुर (खातीपुरा)-टाटानगर-सांतरागाछी एक्सप्रेस ट्रेन का शुभारंभ किया गया। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रेल मंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए।
नई रेल सेवा से पांच राज्यों के बीच आवागमन आसान होने के साथ प्रवासी श्रमिकों, विद्यार्थियों, व्यापारियों और रोजगार के सिलसिले में यात्रा करने वाले लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ शिक्षा और रोजगार के अवसरों तक पहुंच भी आसान होगी।
कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष, महापौर सुनील कोठारी, सांसद विद्युत बरन महतो और सांसद मंजू शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
झारखंड में रेलवे परियोजनाओं पर 75 हजार करोड़ रुपये के काम
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने झारखंड में रेलवे के विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य के लिए रेलवे बजट आवंटन 450 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 7,500 करोड़ रुपये कर दिया गया है। यह पहले के आवंटन का लगभग 16 गुना है। राज्य में करीब 75,000 करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाओं पर काम चल रहा है।
उन्होंने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत झारखंड के 57 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। इनमें गोड्डा, गोविंदपुर रोड, लोहरदगा, मधुपुर और मुरी सहित कई स्टेशन शामिल हैं, जहां पुनर्विकास के कार्य पूरे हो चुके हैं।
रेल मंत्री ने कहा कि रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण और यात्री सुविधाओं में सुधार से आम लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
देशभर में 1,300 से अधिक स्टेशनों का पुनर्विकास
रेल मंत्री ने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर में 1,300 से अधिक रेलवे स्टेशनों को पुनर्विकास के लिए चुना गया है। पश्चिम बंगाल में भी कई स्टेशनों का विकास किया जा रहा है। इनमें सांतरागाछी, जलपाईगुड़ी रोड, जयचंडी पहाड़, हल्दिया और कामाख्यागुड़ी स्टेशन शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि रेलवे मध्यम वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए किफायती परिवहन का प्रमुख साधन है। ऐसे में रेलवे के विकास की योजनाओं में आम यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखा जा रहा है।
स्टेशनों के पुनर्विकास और बेहतर रेल कनेक्टिविटी से सभी आय वर्गों के यात्रियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
हावड़ा-टाटानगर रेलखंड पर चार लाइन के विस्तार का काम
रेल मंत्री ने बताया कि हावड़ा, खड़गपुर, चाकुलिया और टाटानगर को जोड़ने वाली रेल लाइन पर चार-लाइन विस्तार का कार्य किया जा रहा है। इस परियोजना से रेल अवसंरचना को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कोलकाता मेट्रो परियोजना का भी उल्लेख किया। रेल मंत्री के अनुसार, बेलघाटा-आईटी सेंटर से जुड़ा 4.5 किलोमीटर लंबा सेक्शन पूरा हो चुका है और इस पर ट्रायल रन शुरू हो गए हैं। यह सेक्शन मेट्रो की ग्रीन लाइन को कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।
पश्चिम बंगाल का रेलवे बजट बढ़कर 14,205 करोड़ रुपये
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने राज्य में रेलवे अवसंरचना परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2009-2014 के दौरान पश्चिम बंगाल के लिए रेलवे बजट का वार्षिक औसत आवंटन 4,380 करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 2026-27 में यह बढ़कर 14,205 करोड़ रुपये हो गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रेलवे बजट में वृद्धि से राज्य में रेलवे अवसंरचना के विकास और कनेक्टिविटी में सुधार को गति मिलेगी।
क्षेत्रीय विकास को मिलेगी नई गति
जयपुर (खातीपुरा)-टाटानगर-सांतरागाछी एक्सप्रेस की शुरुआत को पांच राज्यों के बीच रेल संपर्क बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नई रेल सेवा से यात्रियों को आवागमन के अतिरिक्त विकल्प मिलेंगे। साथ ही, बेहतर कनेक्टिविटी से व्यापार, शिक्षा और रोजगार से जुड़ी गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास, रेल लाइनों के विस्तार और नई ट्रेन सेवाओं के माध्यम से रेल अवसंरचना को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। इन प्रयासों का उद्देश्य यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ विभिन्न राज्यों के बीच संपर्क को अधिक प्रभावी बनाना है।
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