बिलासपुर-बेलतरा। प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद बेलतरा विधानसभा क्षेत्र अवैध खनन को लेकर लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। क्षेत्र में रेत, मुरुम और मिट्टी के अवैध उत्खनन का नेटवर्क इतना मजबूत हो चुका है कि दिनदहाड़े खुलेआम खनन हो रहा है, जबकि जिम्मेदार विभागों की ओर से ठोस कार्रवाई का अभाव नजर आ रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सेंदरी, लोफंदी, कछार, बैमा, पेंडरवा, मोपका, कोनी और सरवन देवरी सहित कई घाटों पर भारी मशीनों और ट्रैक्टरों के माध्यम से नियमों को दरकिनार कर खनन जारी है। स्थिति यह है कि कई बार अवैध उत्खनन के दौरान हादसे भी हो चुके हैं—कहीं ट्रैक्टर चालक की मौके पर ही मौत हो जाती है तो कहीं प्रशासनिक अधिकारियों के विरोध की घटनाएं सामने आती हैं। वहीं, तेज रफ्तार से दौड़ते खनन वाहनों के कारण ग्रामीण लगातार दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि अवैध खनन से न केवल पर्यावरण को गंभीर क्षति पहुंच रही है, बल्कि शासन को राजस्व का भी नुकसान हो रहा है। साथ ही गांवों की सड़कों की हालत लगातार खराब होती जा रही है। इसके बावजूद कई शिकायतों के बाद भी जिला प्रशासन की ओर से न तो सख्ती दिखाई दे रही है और न ही प्रभावी रोकथाम के प्रयास।
इस संबंध में कांग्रेस नेता अंकित गौरहा ने कहा कि बेलतरा क्षेत्र अवैध खनन माफियाओं का गढ़ बन चुका है। लगातार हो रही घटनाएं यह संकेत देती हैं कि प्रशासनिक ढिलाई या संरक्षण के कारण ही इन पर कार्रवाई नहीं हो पा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र सख्त कदम नहीं उठाए गए तो हालात और गंभीर हो सकते हैं। यह केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि आम जनता की सुरक्षा और भविष्य से जुड़ा विषय है।
उन्होंने मांग की कि अवैध खनन के खिलाफ व्यापक अभियान चलाकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि क्षेत्र में कानून का प्रभावी क्रियान्वयन हो सके।
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