
बिलासपुर। बैंकिंग रिकॉर्ड और खातों में कथित छेड़छाड़ कर 2 करोड़ 6 लाख 37 हजार 600 रुपये के गबन के मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (एसीबी) बिलासपुर ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भारतीय स्टेट बैंक की बिल्हा शाखा की तत्कालीन कैशियर श्रीमती तेजवथ थीरापतम्मा को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के पास से बरामद संदिग्ध मोबाइल फोन भी जांच के लिए जब्त किया गया है, जिससे मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
प्रकरण के अनुसार, बिल्हा स्थित एसबीआई शाखा में 19 दिसंबर 2024 से 2 जनवरी 2025 के बीच बैंक रिकॉर्ड और खातों में हेरफेर कर 20,637,600 रुपये की राशि का गबन किया गया। इस संबंध में शाखा प्रबंधक पीयूष बारा द्वारा एसीबी मुख्यालय रायपुर में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत के आधार पर 19 जनवरी 2026 को आरोपी कैशियर एवं अन्य के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 13(1)(A), 13(2) तथा भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।
एसीबी सूत्रों के अनुसार, विभागीय जांच में भी आर्थिक अनियमितता और राशि के गबन की पुष्टि हुई थी। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि कथित रूप से बैंक कर्मचारी एवं अन्य व्यक्तियों के साथ मिलकर राशि को विभिन्न खातों में ट्रांसफर किया गया। बाद में ऑडिट से बचने के लिए उक्त रकम को पेय पदार्थ, भोजन, किराया, रखरखाव आदि मदों में खर्च दर्शाया गया।
पिछले कुछ दिनों से एसीबी टीम आरोपी की तलाश में जुटी थी। मुखबिर से सूचना मिलने पर 26 फरवरी 2026 को बिल्हा स्थित बैंक शाखा परिसर से उसे अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर विधिवत गिरफ्तारी की गई। जब्त मोबाइल के डिजिटल परीक्षण से लेन-देन और संलिप्त अन्य व्यक्तियों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की संभावना जताई जा रही है।
बताया गया है कि आरोपी जून 2025 से निलंबित थी और वर्तमान में रीजनल बिजनेस ऑफिस, जगदलपुर से संबद्ध थी, किंतु ड्यूटी से लगातार अनुपस्थित चल रही थी। वह मूलतः आंध्र प्रदेश के खम्मम जिले की निवासी है और घटना अवधि में एसबीआई बिल्हा शाखा में पदस्थ थी।
एसीबी ने आरोपी को विशेष न्यायालय, बिलासपुर में पेश कर रिमांड लेने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। मामले में अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच जारी है।
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