
“आईजी गर्ग ने सभी कोटवारों को मोबाइल फोन के माध्यम से होने वाले अपराधों के प्रति जागरूक रहने और पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “साइबर प्रहरी” अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया ”
मुंगेली। जिला कलेक्ट्रेट के जनदर्शन सभाकक्ष में गुरुवार को आयोजित कोटवार सम्मान सम्मेलन में रामगोपाल गर्ग शामिल हुए। कार्यक्रम का आयोजन जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग द्वारा सामुदायिक पुलिसिंग कार्यक्रम पहल के अंतर्गत किया गया।

सम्मेलन में 15 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 30 ग्राम कोटवारों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। यह प्रशिक्षण वर्ष 2025-26 की कार्ययोजना के अंतर्गत आयोजित किया गया था।इस अवसर पर कुंदन कुमार एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल भी उपस्थित रहे।
कोटवार गांव की मूल इकाई : आईजी

सम्मेलन को संबोधित करते हुए पुलिस महानिरीक्षक गर्ग ने कहा कि कोटवार गांव की पुलिस एवं राजस्व विभाग की मूल इकाई है। कोटवार गांव में जमीन संबंधी जानकारी रखने के साथ ही बाहरी व्यक्तियों की मुसाफिरी दर्ज कर बेसिक पुलिसिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने सभी कोटवारों को मोबाइल फोन के माध्यम से होने वाले अपराधों के प्रति जागरूक रहने और पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “साइबर प्रहरी” अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया। साथ ही आम नागरिकों को साइबर ठगी से बचाने में योगदान देने के निर्देश दिए।
15 दिवसीय प्रशिक्षण में दिए गए व्यावहारिक पाठ

प्रशिक्षण के दौरान कोटवारों को ग्राम व्यवस्था के अनुरूप मुसाफिरी दर्ज करने, ग्रामीण क्षेत्रों में आसूचना संकलन, अपराध होने की स्थिति में साक्ष्य संरक्षण, यातायात नियमों की जानकारी तथा भीड़ नियंत्रण के उपायों का प्रशिक्षण दिया गया।
रक्षित केंद्र मुंगेली में प्रातःकालीन योग एवं व्यायाम के माध्यम से शारीरिक दक्षता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। डिजिटल युग को ध्यान में रखते हुए साइबर अपराधों से बचाव संबंधी जानकारी दी गई।
इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण के तहत “एक पेड़ मां के नाम” अभियान में ग्राम स्तर पर मुनादी कर जनजागरूकता बढ़ाने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई। चुनाव के दौरान विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ) के दायित्वों से भी अवगत कराया गया।
अनुभव साझा किए

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित कोटवारों ने प्रशिक्षण से प्राप्त अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण से यातायात नियमन, साइबर अपराधों की पहचान तथा महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित अपराधों की जानकारी में वृद्धि हुई है।
इस अवसर पर डीएफओ अभिनव कुमार, जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पाण्डेय, अपर जिला दण्डाधिकारी निष्ठा पाण्डेय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवनीत कौर छाबड़ा एवं मयंक तिवारी, उप पुलिस अधीक्षक हरविन्दर सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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