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February 24, 2026 6:16 pm

खाकी के साये में सपनों की उड़ान: पुलिस परिवार की बेटियां बनीं न्याय और चिकित्सा की पहचान

“आईजी रेंज रामगोपाल गर्ग ने कहा कि पुलिस की कठिन ड्यूटी के बावजूद पुलिस परिवारों के बच्चे जिस तरह से विभिन्न क्षेत्रों में सफलता हासिल कर रहे हैं, वह पूरे विभाग के लिए गर्व का विषय ,उन्होंने आश्वस्त किया कि पुलिस परिवार के बच्चों की शिक्षा एवं करियर निर्माण के लिए हर संभव सहयोग किया जाता रहेगा”

“डीआईजी एवं एसएसपी रजनेश सिंह ने कु. स्वाति पैकरा एवं कु. संध्या कौशिक को बधाई देते हुए कहा कि पुलिस परिवार की बेटियों को न्यायिक और चिकित्सा जैसे प्रतिष्ठित क्षेत्रों में आगे बढ़ते देखना अत्यंत हर्ष और गौरव की बात ”

बिलासपुर ।पुलिस की वर्दी अक्सर अनुशासन कर्तव्य और संघर्ष की पहचान मानी जाती है, लेकिन इसी खाकी के साये में कई सपने भी पलते हैं जो कठिन परिस्थितियों को पार कर समाज के लिए प्रेरणा बनते हैं। पुलिस परिवार की बेटियां आज उसी प्रेरणा की मिसाल बन रही हैं।

विशेष शाखा में पदस्थ प्रधान आरक्षक सतलोक साय पैकरा की पुत्री कु. स्वाति पैकरा ने पहले ही प्रयास में सिविल जज परीक्षा उत्तीर्ण कर यह साबित कर दिया कि सीमित संसाधन और व्यस्त पारिवारिक जिम्मेदारियां भी प्रतिभा के रास्ते की बाधा नहीं बन सकतीं। डी.पी. विप्र कॉलेज से बीए एलएलबी की पढ़ाई पूरी करने वाली स्वाति बचपन से ही मेधावी रही हैं। अनुशासन, आत्मविश्वास और निरंतर परिश्रम ने उन्हें न्याय की कुर्सी तक पहुंचाया।

चयन के बाद जब स्वाति अपने पिता और जोनल पुलिस अधीक्षक विशेष शाखा श्रीमती दीपमाला कश्यप के साथ पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग से आशीर्वाद लेने पहुंचीं, तो वह क्षण केवल एक सम्मान समारोह नहीं था, बल्कि पुलिस परिवार के संघर्ष और सफलता की कहानी का जीवंत चित्र था। पुष्पगुच्छ और स्मरणिका से सम्मानित करते हुए पुलिस महानिरीक्षक ने स्वाति को जीवन में ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के पथ पर अडिग रहने की सीख दी। बेटी को सम्मानित होते देख पिता की आंखों में गर्व और भावुकता साफ झलक रही थी।

इसी मंच पर एक और प्रेरक कहानी सामने आई प्रधान आरक्षक चालक उमाकांत कौशिक की पुत्री कु. संध्या कौशिक की। प्रदेश में कक्षा 12वीं में सर्वोच्च अंक नीट में चयन सिम्स बिलासपुर से एमबीबीएस और फिर कुल पांच गोल्ड मेडल संध्या की उपलब्धियां किसी भी विद्यार्थी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। वर्तमान में वह केयर हॉस्पिटल हैदराबाद में रेडियोलॉजी विषय में पोस्ट ग्रेजुएशन कर रही हैं।

पुलिस महानिरीक्षक रेंज रामगोपाल गर्ग ने कहा कि पुलिस सेवा की कठिन ड्यूटी के चलते कई बार अभिभावक बच्चों को पर्याप्त समय नहीं दे पाते, लेकिन इसके बावजूद पुलिस परिवार के बच्चे हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा से पहचान बना रहे हैं। यह पूरे विभाग के लिए गौरव का विषय है।

डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह ने भी दोनों बेटियों को बधाई देते हुए कहा कि पुलिस परिवार की बेटी को न्यायाधीश और डॉक्टर जैसे प्रतिष्ठित पदों पर देखना पूरे समाज के लिए सकारात्मक संदेश है।

एडीजी इंट अमित कुमार ने भी दी बधाई

जोनल पुलिस अधीक्षक श्रीमती दीपमाला कश्यप ने बताया कि अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक गुप्तवार्ता अमित कुमार ने भी स्वाति पैकरा और संध्या कौशिक की उपलब्धियों पर हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें और उनके अभिभावकों को शुभकामनाएं दी हैं।

स्वाति और संध्या की ये कहानियां बताती हैं कि खाकी के पीछे केवल ड्यूटी नहीं, बल्कि सपनों को संजोने वाला एक पूरा परिवार होता है। पुलिस परिवार की ये बेटियां आज न सिर्फ अपने माता-पिता, बल्कि पूरे विभाग और समाज के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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