छत्तीसगढ़ भिलाई। प्रथम वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, भिलाई परिसर में आयोजित चौदहवीं अखिल भारतीय पुलिस तीरंदाजी प्रतियोगिता 2025-26 का शुभारंभ विधिवत रूप से हुआ। प्रतियोगिता का उद्घाटन गृह मंत्री विजय शर्मा ने किया। प्रतियोगिता का आयोजन 24 फरवरी से 27 फरवरी 2026 तक किया जाएगा।

इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों की पुलिस तथा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 30 टीमें भाग ले रही हैं, जिनमें लगभग 450 खिलाड़ी शामिल हैं। प्रतियोगिता में 10 राज्यों के 30 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी भी भाग ले रहे हैं, जिन्होंने ओलंपिक, वर्ल्ड कप, एशियन गेम्स एवं साउथ एशियन गेम्स जैसे प्रतिष्ठित आयोजनों में देश का प्रतिनिधित्व किया है।
प्रदेश के कई वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित

उद्घाटन समारोह में दुर्ग नगर की महापौर श्रीमती अलका बाघमार, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, एडीजी एस.आर.पी. कल्लूरी, एडीजी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल विवेकानंद सिन्हा, आईजी ओ.पी. पाल, अजय यादव, अभिषेक शांडिल्य, बी.एस. ध्रुव, डीआईजी कमलोचन कश्यप, एम.आर. आहिरे, डीआईजी मध्य रेंज एवं आयोजन सचिव सदानंद कुमार, डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल, कलेक्टर अभिजीत सिंह, नगर निगम आयुक्त राठौर, प्रथम वाहिनी के डीआईजी कमांडेंट एवं पुलिस खेल अधिकारी राजेश कुकरेजा सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।इसके अलावा कार्यक्रम में पद्मश्री सम्मानित सुश्री समसाद बेगम, भारती बंधू, आलोक निरंजन एवं सुश्री सबा अंजुम की विशेष उपस्थिति रही।
अर्जुन पुरस्कार विजेता भी ले रहे सहभागिता
प्रतियोगिता में अर्जुन पुरस्कार विजेता डीएसपी जनता तालुकार असम एवं डीएसपी रजत चौहान राजस्थान भी प्रतियोगी के रूप में भाग ले रहे हैं, जिससे आयोजन की प्रतिस्पर्धात्मक गुणवत्ता और अधिक सुदृढ़ हुई है।
खेलों से अनुशासन और समन्वय मजबूत : गृह मंत्री

उद्घाटन अवसर पर गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि पुलिस बल केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि खेलों एवं अनुशासन के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की अखिल भारतीय प्रतियोगिताएं पुलिस बलों के बीच समन्वय, नेतृत्व क्षमता एवं टीम भावना को मजबूत करती हैं। छत्तीसगढ़ को इस प्रतियोगिता की मेजबानी मिलना राज्य के लिए गौरव का विषय है।
खेल गतिविधियां बढ़ाती हैं कार्यक्षमता : डीजीपी

पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने कहा कि खेल गतिविधियां पुलिस बलों की शारीरिक दक्षता, मानसिक संतुलन एवं अनुशासन को सुदृढ़ करती हैं। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को खेल भावना के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं।
आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत

कार्यक्रम के दौरान एडीजी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल विवेकानंद सिन्हा द्वारा प्रतिवेदन वाचन किया गया, जिसमें प्रतियोगिता की रूपरेखा, प्रतिभागियों की संख्या एवं आयोजन की व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई।
चार दिनों तक चलेंगी प्रतियोगिताएं
विभिन्न वर्गों में तीरंदाजी की प्रतियोगिताएं 27 फरवरी 2026 तक आयोजित की जाएंगी। आयोजन का उद्देश्य पुलिस बलों के मध्य खेल कौशल, अनुशासन, समन्वय एवं राष्ट्रीय एकता की भावना को प्रोत्साहित करना है।
दुर्ग डीआईजी एवं एसएसपी विजय अग्रवाल की अपील

दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल ने नागरिकों से अपील की है कि राष्ट्रीय स्तर के इस आयोजन में सहयोग प्रदान करें तथा यातायात एवं सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
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