बिलासपुर। नशीली दवाओं के अवैध कारोबार पर कड़ा संदेश देते हुए विशेष न्यायालय ने एक आरोपी को 15 वर्ष के सश्रम कारावास और डेढ़ लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। तीन जनवरी को सुनाए गए इस फैसले में न्यायालय ने पुलिस द्वारा प्रस्तुत ठोस साक्ष्य, गवाहों के बयान और वैज्ञानिक विवेचना को आधार बनाया। मामले में सफल विवेचना और प्रभावी कार्रवाई के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने विवेचक एसआइ अवधेश सिंह को इनाम देने की घोषणा की है।

एएसपी अर्चना झा ने बताया कि मिनी बस्ती जरहाभाठा निवासी आकाश कुर्रे (23) नशीले इंजेक्शन की अवैध बिक्री में संलिप्त पाया गया था। शहर में नशीली दवाओं के बढ़ते कारोबार पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से एसएसपी के निर्देश पर सिविल लाइन पुलिस लगातार निगरानी और कार्रवाई कर रही थी। इसी क्रम में 11 अगस्त 2023 को सिविल लाइन थाने में पदस्थ एसआइ अवधेश सिंह को सूचना मिली कि आरोपी जरहाभाठा मिनी बस्ती स्थित एक कबाड़ी दुकान के पास नशीले इंजेक्शन बेच रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और आरोपी को रंगे हाथों पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से बड़ी मात्रा में नशीले इंजेक्शन जब्त किए गए। इसके बाद आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत विधिवत कार्रवाई करते हुए उसे विशेष न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश किरण त्रिपाठी के न्यायालय में हुई। विचारण के दौरान विशेष लोक अभियोजक सूर्यकांत शर्मा ने शासन की ओर से प्रभावी पैरवी की। विवेचक द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों के सुसंगत बयानों और वैज्ञानिक विवेचना के आधार पर न्यायालय ने आरोपी आकाश कुर्रे को एनडीपीएस एक्ट की धारा 22(सी) के तहत दोषी ठहराया। न्यायालय ने उसे 15 वर्ष का कारावास तथा डेढ़ लाख रुपये के जुर्माने से दंडित किया।
नशे के कारोबार से बनाई संपत्ति भी जब्त
पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों के खिलाफ भी सख्त रुख अपनाया है। आरोपी आकाश और उसके परिवार से जुड़े लोगों द्वारा नशे के कारोबार से बनाई गई संपत्ति को जब्त कर मामला सफेमा कोर्ट में प्रस्तुत किया गया। इस कार्रवाई के तहत दो कार सहित करीब आठ लाख रुपये मूल्य की संपत्ति जब्त की गई, जिस पर सफेमा कोर्ट ने भी अपनी मुहर लगा दी है। पुलिस के अनुसार, अन्य मामलों में भी नशे के कारोबार से जुड़ी संपत्तियों की जब्ती की कार्रवाई लगातार जारी है।
प्रधान संपादक


