दीवाली जैसे जगमगाया शहर और गांव
गुरूवार की शाम अद्भूत नजारा देखने को मिला, यह किस उत्सव से कम नहीं था और ना ही इस तैयारी को कमतर आंका जा सकता है। पीएम मोदी का बर्थडे हो और इस अंदाज में तैयारी ना दिखे,ये भी भला हो सकता है क्या? घड़ी का बड़ा कांटा जैसे ही सात को छुआ, पुलिस परेड ग्राउंड दीये की राेशनी से जगमगा उठा। रौशन होता भी क्यों नहीं। सवा लाख दीयों की लौ रोशन से भी उस पार मशाल जैसा लग रहा था। पुलिस परेड ग्राउंड की तरह आज पूरा प्रदेश दीयों की रोशनी से रौशन रहा। सच मानो, दीयों की यह रोशनी दीपावली की याद दिला रही थी। कमोबेश इसी अंदाज में आज दीपदान हुआ। भरोसा करें दीयों की रोशनी की तरह छत्तीसगढ़ हमेशा रौशन होता रहे।
चाकूबाजों, नशेड़ियों सावधान हो जाओ, कप्तान का चल रहा हंटर
गणेश चतुर्थी के साथ ही छत्तीसगढ़ में अब त्योहारों का सीजन शुरू हो गया है। प्रतिमा विसर्जन के दौरान चाकूबाजी की घटनाएं होती रहती है। नशेड़ी होश में रहते नहीं और जरा सी बात पर चाकू निकाली और वार कर दिया। लगातार घट रही घटनाओं को देखते हुए पुलिस कप्तान ने कड़क निर्देश जारी कर दिया है।
तभी तो शहर से लेकर जिले के थानों में नशेड़ियों,चाकूबाजों और निगरानीशुदा बदमाशों की परेड लग रही है। कड़क शब्दों में समझाइश भी दे रहे हैं। सुधर जाओ नहीं तो सीधे जेल की हवा खानी पड़ेगी। इस बार रिकॉर्ड ऐसे बनेगी सालों साल जेल की हवा खानी पड़ेगी। पुलिस कप्तान की सख्ती का असर भी दिखाई देने लगा है।
शिकायत पहुंची नहीं कि, समाधान तत्काल, ये तो जादू हो गया
शिक्षा विभाग में इन दिनों कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है। प्राइवेट स्कूलों की मनमानी की शिकायत अफसरों के कर थक चुके पैरेंट्स जब सीएम पोर्टल में शिकायत करते हैं तो जादू की तरह समाधान हो जाता है। हो भी क्यों ना। डीईओ कार्यालय से लेकर जेडी कार्यालय में करें या फिर कलेक्टर व मंत्री के पास। जांच के लिए डीईओ आफिस के उसी महकमे के पास ही तो फाइल आनी है। जांच भी उन्हीं को करनी है और रिपाेर्ट भी वहीं बनाएंगे। शिकायत आप ऑफलाइन करिए या फिर सीएम पोर्टल के जरिए ऑनलाइन। सिस्टम से ना तो आप लड़ सकते हैं और ना ही जीत सकते हैं। जीतने का तो ख्वाब ही छोड़ दीजिए। सिस्टम आपको जीतने भी नहीं देगा और हारने भी नहीं। वह तो मैच को टाई कर रखने में ज्यादा भरोसा करता है। तभी तो जांच चल रही है, जैसे जादुई शब्दों से आपको पस्त कर दे रहा है।
दीपदान के लिए शिक्षकों की लगी ड्यूटी
गुरूवार को प्रदेश में दीपोत्सव का कार्यक्रम रखा गया था। सरकारी कामकाज में बेगारी करने वाले शिक्षकों की इस काम में भी ड्यूटी लगा दी गई। सैकड़ों की शिक्षकों की ड्यूटी किसी और काम के लिए दीप जलाने से लेकर व्यवस्था संभालने में लगा दी है। जिन शिक्षकों की ड्यूटी लगी, उनको तो सरकारी अवकाश का मजा ही नहीं आया। पूरा दिन तनाव में ही गुजर गया। ड्यूटी वाले शिक्षक मिले तो उनसे आपबीती जरुरी पूछिए। ये वाला बेगारी कैसे लगा।
अटकलबाजी
जिन शिक्षकों की ड्यूटी लगी या लगाई गई, वे किस पर अपना खीझ निकाल रहे हैं। बीईओ या फिर डीइओ पर?
दीपोत्सव के लिए जिन भाजपाइयों की ड्यूटी लगी थी, वे अपने काम में कितना खरे उतर पाए। ऐसे लोगों के बारे में पता लगाइए जिनकी ड्यूटी, निगरानी के लिए लगी थी। सीआर तो निगरानी करने वाले भाजपाई ही लिखेंगे।
प्रधान संपादक




