
“व्यक्तिगत विवाद को लेकर फैलाया गया भ्रम : कमिश्नर सुनील जैन : आईजी राम गोपाल गर्ग बोले- शांति व्यवस्था के लिए प्रशासन मुस्तैद ,धारा 144 लागू, प्रशासन की पैनी नजर ”
CBN36 बिलासपुर। न्यायधानी बिलासपुर की पहचान सिर्फ अदालतों के शहर के रूप में नहीं, बल्कि अपनी गंगा-जमुनी तहजीब और सामाजिक सौहार्द के लिए भी रही है। पीढ़ियों से चली आ रही यह परंपरा तमाम चुनौतियों के बीच भी कायम है। हालांकि, समय-समय पर कुछ असामाजिक तत्व माहौल बिगाड़ने की कोशिश जरूर करते हैं। कल भी कुछ ऐसा ही माहौल बनता दिखाई दिया, लेकिन प्रशासन की सख्ती, पुलिस की मुस्तैदी और अफसरों की सीधी निगरानी ने हालात को बिगड़ने से पहले ही संभाल लिया।
विवाद ने कल ऐसा रूप लिया कि स्थिति सामान्य से हटकर नजर आने लगी थी। भीड़ बढ़ती गई और आशंका गहराने लगी कि मामला कहीं गंभीर रूप न ले ले। इसी बीच पुलिस ने मोर्चा संभाल लिया। सिटी कोतवाली थाने के आसपास भारी पुलिस बल की तैनाती और मौके पर आला अधिकारियों की मौजूदगी ने साफ कर दिया कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सिटी कोतवाली में कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह, आईजी रामगोपाल गर्ग और कमिश्नर सुनील जैन की मौजूदगी ने पूरे घटनाक्रम की गंभीरता को जाहिर कर दिया। अफसर कार्यालय से हालात पर नजर रखने के बजाय मौके पर मौजूद रहकर हर गतिविधि पर नजर रखे हुए थे।
भीड़ के बीच पहुंचे एसएसपी-कलेक्टर
घटना की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कलेक्टर और एसएसपी खुद भीड़ के बीच पहुंचे। अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना दोनों अधिकारियों ने मौके पर रहकर स्थिति को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाई। पुलिस बल के साथ लगातार मौजूदगी और अधिकारियों की सीधी निगरानी ने भीड़ में मौजूद संभावित असामाजिक तत्वों के मंसूबों पर पानी फेर दिया।
मैदानी पुलिस अमले ने भी पूरी मुस्तैदी दिखाई। भीड़ को नियंत्रित करने से लेकर संवेदनशील स्थिति पर नजर रखने तक पुलिस जवान लगातार सक्रिय रहे। इस दौरान कुछ पुलिसकर्मियों के चोटिल होने की भी जानकारी सामने आई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि उपद्रव या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
धारा 144 लागू, प्रशासन की पैनी नजर
तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए शहर में धारा 144 अभी भी लागू है। प्रशासन और पुलिस लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल की तैनाती जारी है। किसी भी तरह की अफवाह फैलाने या माहौल बिगाड़ने की कोशिश पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश हैं।
प्रशासन ने लोगों से शांति और संयम बनाए रखने तथा अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। अधिकारियों के मुताबिक स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर निगरानी और पुलिस की तैनाती जारी रखी गई है।
व्यक्तिगत विवाद को लेकर फैलाया गया भ्रम : कमिश्नर
कमिश्नर सुनील जैन ने कहा कि मामला मूल रूप से व्यक्तिगत विवाद से जुड़ा था, लेकिन इसे लेकर भ्रम फैलाने की कोशिश की गई। इसके बावजूद बिलासपुर की जनता ने समझदारी का परिचय दिया और शांत रही। उन्होंने शहर की जनता का आभार जताते हुए कहा कि लोगों ने संयम बनाए रखा, जिसके लिए वे धन्यवाद के पात्र हैं।
कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि माहौल खराब करने अथवा भ्रम फैलाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर रखे हुए है और किसी भी स्तर पर कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
आईजी बोले- शांति व्यवस्था के लिए प्रशासन मुस्तैद
आईजी रामगोपाल गर्ग ने कहा कि शहर में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। घटनाक्रम से जुड़े लोगों की गिरफ्तारी की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने बताया कि स्थिति को नियंत्रित करने के दौरान कुछ पुलिसकर्मी भी चोटिल हुए हैं।
आईजी ने साफ शब्दों में कहा कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
राजधानी से सीएम हाउस तक रही नजर
बिलासपुर में बने तनावपूर्ण माहौल पर राजधानी रायपुर में बैठे आला अधिकारियों से लेकर सीएम हाउस तक की नजर रही। घटनाक्रम की पल-पल की जानकारी ली जाती रही। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के बीच लगातार समन्वय बना रहा।
सिटी कोतवाली थाना परिसर और आसपास देर रात तक भीड़ जुटी रही। हालांकि, पुलिस की लगातार मौजूदगी और प्रशासन की सख्ती के बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने लगी। सुबह होते-होते भीड़ भी छंटने लगी।
अफसर सड़क पर, पुलिस मुस्तैद और मंसूबे नाकाम

कल के घटनाक्रम ने एक बार फिर साफ कर दिया कि बिलासपुर में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है। एसएसपी रजनेश सिंह और कलेक्टर संजय अग्रवाल का मौके पर उतरना सिर्फ प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि स्पष्ट संदेश भी था-शहर की शांति से खिलवाड़ की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी।
सबसे बड़ी राहत यह रही कि तनावपूर्ण माहौल के बावजूद कोई बड़ी अनहोनी नहीं हुई। बिलासपुर की गंगा-जमुनी संस्कृति कायम रही और पुलिस-प्रशासन की मुस्तैदी ने हालात को बिगड़ने से पहले ही काबू में कर लिया। फिलहाल धारा 144 लागू है और प्रशासन की नजर पूरे घटनाक्रम पर बनी हुई है।
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