
“रिश्तों की डोर को सड़क सुरक्षा से जोड़ रही पुलिस, रक्षाबंधन पर भाई की कलाई पर राखी के साथ सिर पर हेलमेट भी जरूरी एसएसपी सिंह ने कहा राखी टूट जाए तो फिर बांधी जा सकती है…लेकिन जिंदगी की डोर टूट जाए तो वापस नहीं आता”
CBN36 बिलासपुर ।राखी की थाली सजेगी। कलाई पर धागा बंधेगा। बहन भाई की लंबी उम्र की कामना करेगी। भाई भी बहन की रक्षा का वादा करेगा। लेकिन इस बार इस रिश्ते में एक और संकल्प जुड़ रहा है-सड़क पर निकलते समय हेलमेट पहनने का।
क्योंकि जिस भाई की सलामती के लिए बहन भगवान से प्रार्थना करती है, उसकी जिंदगी सड़क पर महज कुछ सेकंड की लापरवाही के भरोसे नहीं छोड़ी जा सकती।
इसी सोच के साथ एसएसपी आईपीएस रजनेश सिंह ने रक्षाबंधन के पर्व पर सड़क सुरक्षा को लेकर भावनात्मक अपील की है। पुलिस का संदेश सीधा है-इस बार भाई को सिर्फ राखी नहीं, हेलमेट भी पहनाएं।
राखी कलाई पर, सुरक्षा सिर पर
बहन जब भाई की कलाई पर राखी बांधती है तो वह वास्तव में उसके सुरक्षित और खुशहाल जीवन की कामना करती है। ऐसे में हेलमेट उस कामना को पूरा करने की दिशा में एक छोटा लेकिन बेहद महत्वपूर्ण कदम है।एक हेलमेट की कीमत कुछ हजार रुपये हो सकती है, लेकिन एक जिंदगी की कीमत तय नहीं की जा सकती।हेलमेट सिर को चोट से बचाता है, लेकिन उसके पीछे एक पूरा परिवार सुरक्षित रहता है। एक मां का बेटा, एक बहन का भाई, एक पत्नी का पति और बच्चों का पिता-सड़क पर सुरक्षित लौटता है।
एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा बहन इस बार भाई से यह वादा ले
राखी की मेरी कसम… बाइक बिना हेलमेट नहीं चलाओगे ,यह कोई कानूनी आदेश नहीं, रिश्ते की आवाज है।शायद यही आवाज उस समय सबसे ज्यादा काम आए, जब सड़क पर कोई जल्दबाजी करने लगे। शायद बहन का यही एक वाक्य किसी हादसे को रोक दे।
पुलिस नहीं, इस बार परिवार करेगा समझाइश
रक्षाबंधन के दिन पुलिस की भूमिका भी इसी भावना के अनुरूप रहेगी। पुलिस अधिकारी, ट्रैफिक पुलिस और थाना प्रभारी शहर में व्यवस्था संभालेंगे। असामाजिक तत्वों पर नजर रहेगी और महिलाओं-बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी।
सामान्य यातायात उल्लंघन पर चालानी कार्रवाई नहीं की जाएगी। पुलिस का जोर समझाइश और सुरक्षित यातायात पर रहेगा। लेकिन सड़क पर स्टंटबाजी करने वालों को किसी भी स्थिति में छूट नहीं मिलेगी। स्टंट करते पकड़े जाने पर वाहन जब्त किया जाएगा।
त्योहार की खुशी सड़क पर खत्म न हो
रक्षाबंधन पर बाजारों और सड़कों पर भीड़ बढ़ेगी। लोग खरीदारी के लिए निकलेंगे, बहनें भाइयों के घर जाएंगी, परिवार एक-दूसरे से मिलेंगे।ऐसे में पुलिस की कोशिश है कि त्योहार की खुशी जाम, अव्यवस्था या दुर्घटना में न बदले।सुगम यातायात के साथ पुलिस का विशेष ध्यान महिलाओं और बच्चों की सुरक्षित आवाजाही पर रहेगा।
इस बार राखी पर महंगा नहीं, अनमोल उपहार दें
बहन भाई को घड़ी दे सकती है। कपड़े दे सकती है। मिठाई दे सकती है। लेकिन इन सबसे बड़ा उपहार होगा-उसकी सुरक्षा।और भाई भी बहन को सिर्फ रक्षा का वचन न दे, बल्कि अपनी सुरक्षा का वचन निभाए।हेलमेट लगाए,धीमी गति से चले।
स्टंट न करे,सुरक्षित घर लौटे,एक हेलमेट, कई रिश्तों की रक्षा
एसएसपी रजनेश सिंह कहते हैं कि कभी-कभी जिंदगी बचाने के लिए बहुत बड़े बदलाव की जरूरत नहीं होती,सिर्फ बाइक स्टार्ट करने से पहले सिर पर हेलमेट लगाने भर की जरूरत होती है।इसलिए इस रक्षाबंधन पुलिस की अपील को एक पारिवारिक संकल्प बनाइएस,राखी की डोर रहे सलामत, इसके लिए जिंदगी भी रहे सलामत।और राखी के सम्मान के लिए हेलमेट का उपयोग करे ,हेलमेट लगाने से जहाँ जीवन जीवन बचेगा वहीं दुर्घटना घटेगी ,सुरक्षित रहेंगे और घर परिवार भी खुशहाल रहेंगा।एसएसपी सिंह ने संदेश देते हुए कहा सबसे जरूरी बात ए है कि राखी टूट जाए तो फिर बांधी जा सकती है…लेकिन जिंदगी की डोर टूट जाए तो वापस नहीं आती।इस रक्षाबंधन-राखी के साथ सुरक्षा का वादा भी बांधिए।
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