CBN36 कोरिया। थाना पटना क्षेत्र के पाण्डोपारा स्थित टीएमसी कंपनी की झिलमिली साइड के स्टोर में हुई करीब 50 लाख रुपये की चोरी का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर कबाड़ी के कब्जे से करीब 40 लाख रुपये कीमत के तांबा, पीतल और कांसा से बने महंगे मशीन पार्ट्स बरामद किए हैं। आरोपियों के कब्जे से तीन तलवार, टॉर्च, मोबाइल फोन और 1500 रुपये नकद भी मिले हैं।
छत की सीट उखाड़कर स्टोर में घुसे चोर
पुलिस के मुताबिक 21-22 अगस्त की दरम्यानी रात 9-10 आरोपियों के समूह ने टीएमसी के स्टोर की छत की सीट उखाड़कर अंदर प्रवेश किया। इसके बाद कोयला उत्खनन में इस्तेमाल होने वाली मशीनों के महंगे पार्ट्स चोरी कर लिए। चोरी किए गए सामान की अनुमानित कीमत करीब 50 लाख रुपये बताई गई है। सीसीटीवी फुटेज में बड़ी मात्रा में सामान चोरी होने की जानकारी सामने आई।
जंगल में छिपाया चोरी का माल

वारदात के बाद आरोपी चोरी किए गए सामान को एक दिन तक बड़सरा जंगल में छिपाकर रखे रहे। इसके बाद चोरी का माल चरचा निवासी अब्दुल वासिब उर्फ गोलू नामक कबाड़ी को बेच दिया गया। कबाड़ी ने अपने वाहन से सामान को वहां से लाकर कुछ माल अपने घर में रखा, जबकि कुछ अन्य कबाड़ी को बेच दिया।
40 लाख का माल बरामद
पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ के बाद उनकी निशानदेही पर अब्दुल वासिब उर्फ गोलू के कब्जे से करीब 40 लाख रुपये कीमत के तांबा, पीतल और कांसा निर्मित महंगे मशीन पार्ट्स बरामद किए। पुलिस अब बाकी चोरी के सामान और घटना में शामिल अन्य लोगों के संबंध में भी जांच कर रही है।
वारदात के समय साथ रखी थीं तलवारें
पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी वारदात के दौरान अपने साथ तलवारें लेकर पहुंचे थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन तलवारें बरामद की हैं। इसके अलावा टॉर्च, मोबाइल फोन और 1500 रुपये नकद भी जब्त किए गए हैं।
कबाड़ में बेचकर कमाई की थी योजना
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने रात में झिलमिली पाण्डोपारा साइड पहुंचकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। चोरी किए गए धातु के पार्ट्स को कबाड़ी के माध्यम से बेचकर आर्थिक लाभ कमाने की योजना बनाई गई थी।
मुखबिर की सूचना से पुलिस को मिली सफलता
घटना की शिकायत टीएमसी पाण्डोपारा परियोजना के प्रोजेक्ट मैनेजर श्यामल मैती ने 24 अगस्त को थाना पटना में दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर थाना पटना में अपराध क्रमांक 228/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।
पुलिस अधीक्षक हरीश राठौर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह के निर्देश पर एसडीओपी आशा सेन और राजेश साहू के मार्गदर्शन में थाना पटना तथा साइबर सेल की टीम ने जांच शुरू की। पुलिस ने मुखबिर तंत्र सक्रिय कर संदिग्धों की पहचान की और पूछताछ के बाद चोरी की पूरी कड़ी का खुलासा किया।
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