CBN36 वर्धा, 25 अगस्त। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत मंगलवार को महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के ग़ालिब सभागार में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की चेतना सीरीज के अंतर्गत विशेष ऑनलाइन व्याख्यान का सामूहिक प्रसारण किया गया। इसमें विश्वविद्यालय के शिक्षक, शोधार्थी, विद्यार्थी और कर्मचारियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का विषय ‘टीबी मुक्त भारत अभियान : टीबी मुक्त भारत के लिए जागरूकता पैदा करना’ था। ऑनलाइन सत्र में यूजीसी की सचिव प्रो. श्यामा रथ और केंद्रीय टीबी संभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की उप महानिदेशक डॉ. शोबिनी राजन ने टीबी की रोकथाम, समय पर जांच और उपचार के साथ जन-जागरूकता के महत्व पर जानकारी दी।
वक्ताओं ने टीबी को लेकर समाज में व्याप्त भ्रांतियों और सामाजिक कलंक को दूर करने पर जोर दिया। उन्होंने टीबी मरीजों के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाने और विद्यार्थियों व युवाओं से परिवार तथा समाज में बीमारी के प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के माध्यम से विश्वविद्यालय समुदाय को टीबी मुक्त भारत के राष्ट्रीय संकल्प में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया। प्रतिभागियों ने टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने और स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान देने की प्रतिबद्धता जताई।
इस अवसर पर टीबी मुक्त भारत अभियान के नोडल अधिकारी डॉ. जयंत उपाध्याय, हिंदी साहित्य विभाग के डॉ. अशोक नाथ त्रिपाठी, डॉ. कोमल कुमार परदेशी, दर्शनशास्त्र एवं संस्कृति विभाग के डॉ. रणंजय कुमार सिंह, जनसंपर्क अधिकारी बी.एस. मिरगे सहित कर्मचारी, शोधार्थी और विद्यार्थी मौजूद रहे। सभी ने टीबी मुक्त भारत की शपथ ली और ऑनलाइन प्रमाणपत्र भी प्राप्त किए।
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