Explore

Search

August 23, 2026 6:48 pm

दुर्ग में नए जिला न्यायालय भवन का भूमिपूजन, डिजिटल न्याय को भी मिला बढ़ावा

मुख्य न्यायाधिपति रमेश सिन्हा ने रखी आधारशिला, ‘संधि सेतु’ पुस्तक का किया विमोचन

CBN36 रायपुर। दुर्ग में नवीन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय भवन के निर्माण की दिशा बड़ा कदम उठाया गया। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधिपति रमेश सिन्हा ने नए न्यायालय भवन के निर्माण के लिए भूमिपूजन किया। इस दौरान डिजिटल न्यायिक सुविधाओं का शुभारंभ और सामुदायिक मध्यस्थता पर आधारित पुस्तक ‘संधि सेतु’ का विमोचन भी किया गया।

कार्यक्रम में हाईकोर्ट के न्यायाधिपति पीपी साहू, नरेश कुमार चंद्रवंशी, रवीन्द्र कुमार अग्रवाल, विभु दत्त गुरु और अमितेंद्र किशोर प्रसाद मौजूद रहे।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा नया न्यायालय भवन

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्ग के. विनोद कुजूर ने स्वागत उद्बोधन में नए न्यायालय भवन की आवश्यकता और न्यायिक अधोसंरचना के विस्तार पर प्रकाश डाला। इसके बाद मुख्य न्यायाधिपति रमेश सिन्हा ने विधिवत भूमिपूजन किया।

नए भवन के बनने से न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, कर्मचारियों और न्यायार्थियों को बेहतर एवं आधुनिक सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। न्यायालय परिसर को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित किए जाने की योजना है।

‘संधि सेतु’ में सामुदायिक मध्यस्थता पर जोर

कार्यक्रम के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग की ओर से तैयार पुस्तक ‘संधि सेतु’ का विमोचन किया गया। पुस्तक में सामुदायिक स्तर पर संवाद, सहमति और मध्यस्थता के जरिए विवादों के समाधान की पहल को सामने रखा गया है।

इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे विवादों को संवाद और आपसी सहमति से सुलझाकर सौहार्दपूर्ण वातावरण तैयार करना है।

कैशलेस जुर्माना भुगतान समेत तीन डिजिटल सुविधाएं शुरू

कार्यक्रम में हाईकोर्ट की सूचना प्रौद्योगिकी टीम की ओर से विकसित डिजिटल न्यायिक सुविधाओं का शुभारंभ और वीडियो प्रस्तुतीकरण किया गया। इनमें Cashless Fine Payment Facility, AFR Mobile Application और Court Fee Ticket Generation System प्रमुख हैं।

इन सुविधाओं से न्यायालयीन प्रक्रियाओं को आसान, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के साथ आम लोगों को न्यायिक सेवाओं तक बेहतर पहुंच देने का प्रयास किया गया है।

न्याय जनता के और करीब पहुंचे : रमेश सिन्हा

मुख्य न्यायाधिपति रमेश सिन्हा ने कहा कि न्यायिक व्यवस्था की सफलता तभी है, जब न्याय सरल, सुलभ, पारदर्शी और आम लोगों के करीब हो। उन्होंने आधुनिक न्यायिक अधोसंरचना के साथ तकनीकी नवाचार और सामुदायिक मध्यस्थता की जरूरत पर जोर दिया।

उन्होंने नए न्यायालय भवन को दुर्ग की न्यायिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप न्यायिक संस्थानों को मजबूत करने की बात कही।

अधिवक्ता संघ ने किया स्वागत

कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारी, जिला न्यायपालिका के अधिकारी-कर्मचारी, अधिवक्ता, विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, पैरालीगल वॉलंटियर्स और सामाजिक प्रतिनिधि मौजूद रहे। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

कार्यक्रम के अंत में प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय दुर्ग सुमन एक्का ने आभार जताया। जिला अधिवक्ता संघ दुर्ग की ओर से मुख्य न्यायाधिपति का आत्मीय स्वागत किया गया। दुर्ग से चयनित स्टेट बार काउंसिल के सदस्यों ने भी उनका अभिनंदन किया।

नवीन न्यायालय भवन का भूमिपूजन, ‘संधि सेतु’ का विमोचन और डिजिटल न्यायिक सुविधाओं का शुभारंभ दुर्ग की न्याय व्यवस्था को आधुनिक, तकनीक-सक्षम और जनकेंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

Advertisement Carousel
CRIME NEWS

BILASPUR NEWS