सुशासन तिहार के तहत ग्रामीण विकास को मिलेगी नई गति
रायपुर, 06 मई 2026। छत्तीसगढ़ की ग्राम पंचायतों में 07 मई को विकास और जन-सेवा का एक व्यापक अभियान संचालित किया जाएगा। ‘सुशासन तिहार’ के अंतर्गत राज्य की सभी पंचायतों में एक साथ ‘चावल महोत्सव’, ‘रोजगार दिवस’ और ‘आवास दिवस’ का आयोजन होगा। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन को तेज करना और जमीनी स्तर पर लंबित समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है।
हितग्राही केंद्रित पहल, मौके पर समाधान
इस अभियान का मुख्य फोकस ग्रामीण हितग्राहियों पर रहेगा। मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से जुड़ी लंबित शिकायतों, तकनीकी अड़चनों और पात्रता संबंधी मुद्दों का निराकरण मौके पर ही किया जाएगा। साथ ही, ग्रामीणों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी।
तीन स्तंभों पर आधारित विकास की रणनीति
रोजगार दिवस के तहत मनरेगा कार्यों की समीक्षा कर आगामी समय के लिए रोजगार सृजन की नई कार्ययोजना तैयार की जाएगी। ‘आवास दिवस’ में प्रधानमंत्री आवास योजना के लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता देते हुए स्वीकृत आवासों को आगामी 90 दिनों में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, जल संरक्षण के लिए गांव-मोर पानी-मोर तरिया अभियान अंतर्गत ‘नवा तरिया आय के जरिया’ थीम पर विशेष गतिविधियां संचालित होंगी, जिससे मत्स्य पालन सहित अन्य आजीविका के अवसर बढ़ाए जा सकें।
तकनीक और सहभागिता से पारदर्शी व्यवस्था
सरकार द्वारा क्यूआर कोड आधारित सूचना प्रणाली को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे योजनाओं की जानकारी तक आसान पहुंच और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। इस अभियान में जनप्रतिनिधियों, महिला स्व-सहायता समूहों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है।यह आयोजन केवल एक प्रशासनिक पहल नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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