
तीन साल बाद भी नहीं हुआ समझौते का पालन, 15 मई के बाद धरना-प्रदर्शन की तैयारी
बिलासपुर, 13 अप्रैल 2026।एसईसीएल में 4855 आईटीआई अप्रेंटिसों को रोजगार देने के वर्ष 2022 के समझौते का अब तक पालन नहीं होने से असंतोष गहराता जा रहा है। भारतीय आईटीआई अप्रेंटिस संघ ने प्रबंधन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए 15 मई 2026 के बाद आंदोलन और धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशील कुमार निर्मलकर ने एसईसीएल के सीएमडी को भेजे पत्र में कहा है कि 23 सितंबर 2022 को 4855 अप्रेंटिसों को रोजगार देने पर सहमति बनी थी। बावजूद इसके, लगभग तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी एक भी अप्रेंटिस को नियुक्ति नहीं दी गई है।
अन्य भर्ती हुई, अप्रेंटिसों को नहीं मिला अवसर
संघ का आरोप है कि समझौते के बाद एसईसीएल प्रबंधन ने अन्य श्रमिकों की भर्ती तो की, लेकिन अप्रेंटिसों को नजरअंदाज किया गया। जबकि कंपनी में बड़ी संख्या में कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं और वर्तमान में ठेका श्रमिकों की संख्या भी काफी अधिक है।
मार्च 2023 से भर्ती शुरू करने का मिला था आश्वासन
संघ के अनुसार, एसईसीएल के अधिकारियों द्वारा मार्च 2023 के बाद भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन दिया गया था। इस आधार पर संघ ने लंबा इंतजार किया और क्षेत्रीय महाप्रबंधकों से भी कई बार संपर्क किया, लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया।
15 मई के बाद कभी भी हो सकता है आंदोलन
संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि जल्द ही समझौते के अनुसार नियुक्तियां शुरू नहीं की गईं, तो 15 मई 2026 के बाद एसईसीएल बिलासपुर मुख्यालय और कोल इंडिया कोलकाता कार्यालय के सामने आंदोलन और धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
उच्च स्तर पर भेजी गई शिकायत
इस मामले की प्रतिलिपि प्रधानमंत्री, केंद्रीय श्रम मंत्री, कोयला मंत्री, मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई है।संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशील कुमार निर्मलकर ने कहा कि लगभग तीन साल बीत जाने के बाद भी एक भी अप्रेंटिस को रोजगार नहीं मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है। यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो हम आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
प्रधान संपादक


