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April 11, 2026 11:48 pm

एसईसीएल में सम्पन्न हुआ कोल इंडिया का तृतीय एचआर आईआर कॉन्क्लेव उत्कर्ष 2026 पुलेला गोपीचंद के प्रेरक संबोधन के साथ समापन

खनन क्षेत्र के लिए फ्यूचर -रेडी एचआर रोडमेप पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कॉन्क्लेव में हुई व्यापक चर्चा

बिलासपुर। एसईसीएल बिलासपुर द्वारा आयोजित दो दिवसीय कोल इंडिया लिमिटेड का तृतीय एचआर-आईआर कॉन्क्लेव उत्कर्ष 2026 सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ,दो दिवसीय इस राष्ट्रीय कॉन्क्लेव में कोल सेक्टर में मानव संसाधन एचआर एवं औद्योगिक संबंध आईआर के बदलते स्वरूप और भविष्य की आवश्यकताओं पर गहन विचार-विमर्श किया गया।

“Shaping Minds, Strengthening Mines – Innovate, Excel, Rise” थीम पर आयोजित इस कॉन्क्लेव में कोल इंडिया एवं उसकी सहायक कंपनियों के 100 से अधिक एचआर अधिकारियों के साथ-साथ देशभर के उद्योग विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और विचारकों ने भाग लिया।

समापन दिवस पर भारत के मुख्य राष्ट्रीय बैडमिंटन कोच पुलेला गोपीचंद के साथ एक प्रेरक फायरसाइड चैट आयोजित किया गया। उन्होंने खेल और संगठनात्मक उत्कृष्टता के बीच समानताएं प्रस्तुत करते हुए अनुशासन, दृढ़ता और निरंतर प्रयास को सफलता की आधारशिला बताया। उन्होंने कहा कि सफलता तब नहीं मिलती जब आप चाहते हैं, बल्कि तब मिलती है जब आप उसके योग्य बन जाते हैं।इस सत्र का संचालन एसईसीएल के निदेशक कार्मिक बिरंची दास ने किया।

कॉन्क्लेव के दूसरे दिन Change Adoption, “Mine to Mind” Transformation, Future HR Landscape तथा Strategic Workforce Planning जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। इन सत्रों में संगठनात्मक परिवर्तन में एचआर की रणनीतिक भूमिका को प्रमुखता से रेखांकित किया गया।

इससे पूर्व 10 अप्रैल को कॉन्क्लेव का उद्घाटन कोल इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष बी. साईराम ने वर्चुअल माध्यम से किया। उन्होंने “Reform, Perform, Transform” के लक्ष्य की प्राप्ति में मानव संसाधन की केंद्रीय भूमिका पर बल दिया।

अपने स्वागत उद्बोधन में एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री हरीश दुहन ने people-centric culture को बढ़ावा देने तथा कर्मचारियों के सतत विकास और कल्याण को प्राथमिकता देने की आवश्यकता बताई। वहीं कोल इंडिया के मुख्य सतर्कता अधिकारी श्री ब्रजेश कुमार त्रिपाठी ने संगठन में ईमानदारी और सामूहिक पहचान के महत्व को रेखांकित किया।

कोल इंडिया के निदेशक कार्मिक डॉ. विनय रंजन ने अपने मुख्य वक्तव्य “From Mind to Mine – The HR Shift Driving Mining Excellence” में HR की भूमिका को उत्पादकता, नवाचार और संगठनात्मक परिवर्तन के प्रमुख चालक के रूप में प्रस्तुत किया।

दोनों दिनों के विभिन्न सत्रों में प्रतिष्ठित CHROs, HR विशेषज्ञों एवं शिक्षाविदों ने नेतृत्व में विश्वास निर्माण, HR के माध्यम से मूल्य सृजन, HR में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के जिम्मेदार उपयोग तथा भविष्य के कार्यस्थल में सामाजिक संवाद को सुदृढ़ करने जैसे विषयों पर अपने विचार साझा किए।

कॉन्क्लेव के दौरान कोल इंडिया एवं ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की HR पहलों को प्रदर्शित करने हेतु एक विशेष प्रदर्शनी स्टॉल भी लगाया गया, जिसमें सहायक कंपनियों की नवाचारपूर्ण एवं कर्मचारी-केंद्रित पहलें प्रदर्शित की गईं।

“उत्कर्ष 2026” की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि विभिन्न सहायक कंपनियों द्वारा प्रस्तुत concept papers एवं नवाचारपूर्ण HR पहलों का प्रदर्शन रहा, जिससे आपसी सीख और श्रेष्ठ प्रथाओं के आदान-प्रदान को बढ़ावा मिला।

कॉन्क्लेव का समापन प्रतिभागियों के इस संकल्प के साथ हुआ कि वे एचआर प्रणालियों को और अधिक सुदृढ़ करेंगे, विश्वास एवं प्रदर्शन आधारित कार्य-संस्कृति को प्रोत्साहित करेंगे तथा कोल इंडिया के सतत एवं कुशल खनन के लक्ष्यों के अनुरूप मानव संसाधन रणनीतियों को आगे बढ़ाएंगे।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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