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March 29, 2026 2:17 pm

रायगढ़ में बदली रामनवमी की तस्वीर: एक नई परंपरा की शुरुआत,नहीं दिखे अस्त्र-शस्त्र, गायब रही दबंगई,व्यापारियों ने बढ़-चढ़कर किया स्वागत,एसएसपी की सख्ती और रणनीति का दिखा असर

“एसएसपी शशि मोहन सिंह ने रायगढ़ के सभी नागरिकों, आयोजकों और पुलिस टीम को इस सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि आगे भी हमारा प्रयास रहेगा कि हर पर्व-त्योहार इसी तरह शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया जाए”

“ना हो हल्ला और ना ही गुंडों व बदमाशों की दंबगाई और ना ही अनावश्यक दबाव और तनाव,जब यात्रा निकली तो लोग अचरज के साथ देखते ही रह गए,ऐसी यात्रा इसके पहले रायगढ़ में कभी नहीं निकली,शोभा यात्रा में शालिनता और परंपरा का ऐसा अदभूत नजारा दिखाई दिया, लोग घरों से निकलकर सड़कों पर आ गए, व्यवसायी और कारोबारियों ने एक कदम आगे बढ़कर यात्रा का बढ़ चढ़कर स्वागत सत्कार  किया रायगढ़ वासियो ने कहा थैंक्स एसएसपी

छत्तीसगढ़ रामनवमी का शोभा यात्रा हो या  फिर कोई अन्य धार्मिक उत्सव जिसमें निकलने वाली शोभा यात्रा आमतौर पर रायगढ़ के शांतप्रिय शहरवासी और व्यापारियों व कारोबारियों के लिए हमेशा से ही डर, भय और तनाव पैदा करने वाला रहा है। इसके पीछे शोभा यात्रा या जुलूस नहीं, इसकी आड़ में वसूली करने वाले और दबंगई करने वाले वे चेहरे हैं जो धार्मिक कार्यक्रम और जुलूस के बहाने कारोबारियों व व्यवसायियों से  बेजा वसूली और दबंगाई करने वालों का एक खास वर्ग रहा है। इस बार ऐसा कुछ नहीं हुआ। कारण भी साफ है, रायगढ़ जिले के एसएसपी शशिमोहन सिंह  की सख्ती और गुंडा बदमाश और वसूली बाजों को चेतावनी को माना जा रहा है। एसएसपी ने समय से पहले ही ऐसे लोगों पर अंकुश लगाने का काम शुरू कर दिया था। तभी तो इस बार रामनवमी के अवसर पर निकलने वाली शोभा यात्रा, बेहद प्रभावी,शांत और परंपरागत ढंग से निकाली गई। तनाव में रहने वाले कारोबारियों व व्यापारियों के अलावा शहरवासियों ने यात्रा का एक कदम आगे बढ़कर जगह-जगह स्वागत सत्कार किया और आरती उतारी।

डर और तनाव से सादगी और श्रद्धा तक

रायगढ़ में इस बार रामनवमी के अवसर पर निकली शोभा यात्रा और पहले निकली यात्रा को लेकर अब शहर में चर्चा का दौर भी शुरू हो गया है। लोग ना केवल चर्चा कर रहे हैं, साथ ही पुलिस प्रशासन की भूरी-भूरी प्रशंसा भी कर रहे हैं। इस प्रशंसा में एसएसपी शशिमोहन सिंह  का नाम सबसे आगे है। हो भी क्यों ना, रायगढ़वासियों और कारोबारियों की वर्षों की इच्छा व हरसतों को उन्होंने जो पूरा किया है। शोभा यात्रा हो या फिर धार्मिक जुलूस मर्यादा और परंपरा को साथ लेकर शालिनता के साथ निकले तो उसकी बात कुछ अलग ही होती है। अगर ऐसा होता है तो कुछ वैसा ही नजारा दिखाई देता है, जैसा इस बार दिखाई दिया। ना हो हल्ला और ना ही गुंडों व बदमाशों की दंबगाई और ना ही अनावश्यक दबाव और तनाव।  इस बार जब यात्रा निकली तो लोग अचरज के साथ देखते ही रह गए। ऐसी यात्रा इसके पहले रायगढ़ में कभी नहीं निकली। शोभा यात्रा में शालिनता और परंपरा का ऐसा अदभूत नजारा दिखाई दिया, लोग घरों से निकलकर सड़कों पर आ गए, व्यवसायी और कारोबारियों ने एक कदम आगे बढ़कर यात्रा का बढ़ चढ़कर स्वागत सत्कार  किया। 

देखिए 2025 की तस्वीरे

2026 का देखिए : नहीं दिखे अस्त्र-शस्त्र, गायब रही दबंगई

आमतौर पर रायगढ़ में बदमाशों और गुंडों ने एक अलग ही परंपरा बना रखी थी, इस तरह की जुलूस और यात्रा के बहाने वसूली और धमकाने का रिवाज जो चल रहा था। यात्रा के दौरान अस्त्र-शस्त्र लहरा कर भय दिखाने का काम भी करते थे। इसके पीछे साल भर रंगदारी करना और कारोबारियों व व्यवसायियों को परेशान करना भी रहता था। इस बार ऐसा कुछ नहीं हुआ। ना रंगदारी नजर आई और ना ही दंबगाई।

एसएसपी शशिमोहन सिंह ने पहले ही ऐसे लोगों पर सख्ती बरतना शुरू कर दिया था। गुंडा बदमाशों की  लिस्ट जो निकला ली थी। परंपरा अनुसार यात्रा निकलाने उन लोगों को आगे लाया गया जो वाकई इसी अनुरुप और भरोसे के साथ यात्रा निकलना चाहते थे। पुलिस के संरक्षण में ऐसे लोग सामने आए, जब पुलिस का संरक्षण मिला और परंपरानुसार यात्रा निकली तो इसकी दमक कुछ अलग ही नजर आई।

कमेंट्स से भरा नजर आ रहा सोशल मीडिया प्लेटफार्म

रायगढ़ में इस अंदाज में पहली बार निकली शोभा यात्रा को लेकर आम लोगों के साथ ही व्यवसायियों के बीच सकारात्मक चर्चा तो हो ही रही है, सोशल मीडिया भी पीछे नहीं है। सोशल मीडिया प्लेटफार्म चर्चा और कमेंट्स का दौर अब भी जारी है। यूजर्स सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर इस नई और चमकदार परंपरा के लिए एसएसपी शशिमोहन सिंह को बधाई देते थक नहीं रहे हैं। 

यात्रा की कुछ चमकदार तस्वीरें भी देखिए

CBN.36 के पास शोभा यात्रा की अच्छी तस्वीरें आई है। हम आपको उनमें से कुछ बेहद चमकदार तस्वीरे दिखा रहे हैं। इन तस्वीरों को देखकर तो यही लगता है, यह सब  बहुत पहले हो जाना था, कोई बात नहीं, देर आए दुरुस्त आए, एसएसपी की दूरदर्शिता और सख्त कानून व्यवस्था के चलते रायगढ़ में यह संभव हो पाया है, नहीं तो शहरवासी और कारोबारी आज भी गुंडा बदमशों की सरपस्ती में ही रहने को मजबूर हो रहे थे। अब तो रायगढ़वासियों और कारोबारियों को एसएसपी पर भरोसा कुछ ज्यादा ही होने लगा है। तभी तो सोशल मीडिया में एसएसपी को धन्यवाद ज्ञापित करने के साथ ही यह भरोसा भी जता रहे हैं, पुलिस की सख्ती और यह रूप आगे भी कायम रहेगा। 

रायगढ़ में निकली यह शोभायात्रा केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि व्यवस्था, नेतृत्व और जनसहभागिता की सफल कहानी बन गई है।अब शहरवासियों को उम्मीद है कि यह सकारात्मक बदलाव आगे भी कायम रहेगा और हर त्योहार इसी शांति और श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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