ये नामधारी बकायादार, जाने आगे क्या होगा
हां ना, हां ना करते-करते आखिरकार शहर सरकार ने टॉप टैक्स बकायादारों के नाम सार्वजनिक कर ही दिया। नाम वालों का नाम है और वह भी नगर निगम के बकायादार, बकायादार थोड़ा सम्मानित हो जाता है, कर्जदार भी कह सकते हैं तो इसमें कहीं कोई बुराई नहीं है और ना ही विवादित। नामधारी बकायादारों में 25 लोगों के नाम है। शहर सरकार के अफसर इस बात को लेकर आश्वस्त नजर आ रहे हैं, नाम सामने आने के बाद पानी चढ़ेगा, जब पानी चढ़ेगा तो रुपये भी ढिलेंगे, टैक्स जमा होगा, शहर सरकार का खजाना भी इसी रफ्तार में भरेगा। देखने वाली बात यह है, टॉप बकायादारों को पानी चढ़ता है या नहीं, या फिर वही ढाक के तीन पात वाली कहावत तो नहीं हो जाएगी। देखते जाइए जनाब, होता क्या है।
यूनिवर्सिटी में मिसिंग और महीने का शुरू हुआ खेल
छत्तीसगढ़ के एक बड़े यूनिवर्सिटी प्रबंधन इन दिनों खासे परेशान हैं। कारण जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे। गुरुघासी सेंट्रल यूनिवर्सिटी जैसा कुछ-कुछ ऐसे ही वाकया हो गया है। यूनिवर्सिटी प्रबंधन के लिए फिलहाल राहत वाली बात ये है, उस जैसा फाइनल स्टेज नहीं है। फिर भी मिसिंग है तो चिंता तो बढ़ती ही है ना। मिसिंग के बीच स्टूडेंट्स पॉलिटिक्स से जुड़े कुछ लोगों की कान में भनक पड़ गई है। भनक लगते ही लगा बड़ा मौका है।मौका को भुनाने पहुंच गए यूनिवर्सिटी कैम्पस, कुछ लड़कों को लेकर नारेबाजी जिंदाबाद मुर्दाबाद और फिर अपनाजिंदाबाद भी करा लिए। अब तो यह बात समझ में आ ही गया होगा, स्टूडेंट्स लीडर किस गरज से कैम्पस पहुंचे थे। सो प्रबंधन ने मुंह बंद करने का प्रबंध जो कर दिया। प्रबंधन के सामने मुसिबत ये कि जो प्रबंध हुआ, इससे उत्साहित स्टूडेंट लीडर लांग टर्म प्रोसेस मानकर चल रहे हैं और अपनी तरफ से ऑफर भी दे दिया है। इसे कहते हैं नहले पे दहला।
पुलिस की गाड़ी, बाउंसर और वायरल वीडियो, फिर एसएसपी का फरमान
सोशल मीडिया में पता नहीं क्या-क्या चल जाता है। चलाने वाले और कोई नहीं, यूजर्स ही हैं। पुलिस लिखी गाड़ी में खाकी के बजाय ब्लैक शर्ट पहने बाउंसर नजर आएंगे तो हर किसी को अटपटा तो लगेगा ही, यह स्वभाविक बात भी है। पुलिस की गाड़ी में खाकी वर्दी वाले ही नजर आते हैं और उनको ही यह सवारी भाती है। पर यह क्या, न्यायधानी में पुलिस की गाड़ी में ब्लैक शर्ट वाले बाउंसर दिखाई दिए। सोशल मीडिया में वायरल हो रहा यह वीडियो पता नहीं कहां से, एसएसपी के मोबाइल पर आ गया। बस फिर क्या था, इधर फरमान जारी और उधर पुलिस गाड़ी वाले महाशय लाल बंगला के पीछे। पुलिस लिखी गाड़ी की कहानी भी कम दिलचस्प नहीं है। फिर आगे इस पर चर्चा करेंगे।
बर्ड फ्लू और लाखों का फटका
प्रदेश में इन दिनों बिलासपुर जिले की खूब चर्चा हो रही है,इसमें सबसे ज्यादा फोकस कोनी है। जी हां, कोनी का कुक्कुट पालन केंदग, जहां बर्ड फ्लू के कारण हजारों की संख्या में मुर्गा व मुर्गियों की मौत हो गई है। फ्लू ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। कलेक्टर की ओर से एडवाइजरी भी जारी कर दी गई है। प्रभावित क्षेत्र पर निगरानी भी बढ़ा दी है। आज ही खबर फैली, कोनी में सस्ते के दाम मुर्गा बिक रहा है। या यूं कहें, आपदा में अवसर की तलाश करने वाले ऑफर दे रहे हैं। ऑफर देने वालों की कमी नहीं है तो उसी अंदाज में ऑफर पर जेब खर्च करने वालों की भी कमी नहीं है। चर्चा तो इस बात की भी हो रही है, फ्लू के बाद कोनी सहित आसपास के गांवों में पार्टी का माहौल बन गया है।ऑफर जो चल रहा है। ऑफर और पार्टी के फेर में हीं लेने के देने ना पड़ जाए, इस बात का खास ध्यान रखना होगा, नहीं तो फ्लू का क्या, किसी को भी अपने गिरफ्त में ले लेगा।
अटकलबाजी
कोनी के कुक्कुट पालन केंद्र में साढ़े पांच हजार मुर्गा-मुर्गियों की मौत के बाद पता चला, बर्ड फ्लू पहुंच गया है। जरा पता करिए, बर्ड फ्लू के पहले कितने मुर्गे व मुर्गियां पार हो गई थी। बर्ड फ्लू ने कितने को राहत दी है।
टैक्स जमा ना करने वाले बकायादारों की सूची सामने आने के बाद, निगम के किस अफसर पर सामत आने वाली है। बड़े लोगों के गुस्से का शिकार कितने लोग बनेंगे।
प्रधान संपादक


