
रायपुर, 24 फरवरी।छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत वित्त वर्ष 2026-27 के बजट को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला सहित पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ताओं ने बजट को जनविरोधी, निराशाजनक और कॉर्पोरेट हितों को प्राथमिकता देने वाला करार दिया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि ‘ज्ञान’ और ‘गति’ के बाद अब ‘संकल्प’ शब्द का प्रयोग कर जनता को भ्रमित करने की कोशिश की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट राज्य की जमीनी हकीकत से कोसों दूर है। बस्तर और सरगुजा के विकास को लेकर बड़े दावे किए गए, लेकिन उनके अनुरूप बजटीय प्रावधान नहीं किए गए। उन्होंने कहा कि पिछले बजट में 20 हजार शिक्षकों की भर्ती की घोषणा की गई थी, लेकिन अब तक कितनी नियुक्तियां हुईं, इसका कोई स्पष्ट जवाब सरकार के पास नहीं है। भाजपा के एक लाख युवाओं को रोजगार देने के वादे पर भी बजट में कोई ठोस पहल नहीं दिखती।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपये के बजट में रोजगार, शिक्षा, कृषि और उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट भाषण में केंद्र सरकार की योजनाओं का श्रेय लेने पर अधिक जोर रहा, जबकि राज्य सरकार का कोई स्वतंत्र विजन सामने नहीं आया। उन्होंने कहा कि सीएम बस योजना, बस्तर विकास प्राधिकरण और राजधानी विकास से जुड़े प्रावधान अपर्याप्त हैं। आयुष्मान भारत योजना के लिए किए गए प्रावधान को भी उन्होंने अपर्याप्त बताया।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि अनियमित और संविदा कर्मचारियों को नियमित करने का वादा एक बार फिर पूरा नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को एमएसपी वृद्धि का लाभ नहीं मिलेगा और आयुष्मान योजना में भारी बकाया के बावजूद बजट में आधी राशि का ही प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि पर्यटन, संस्कृति और राम वन गमन पथ जैसी योजनाएं केवल घोषणाओं तक सीमित हैं।
वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि यह बजट कॉर्पोरेट हितों के आगे नतमस्तक दिखाई देता है। उन्होंने दावा किया कि उद्योग विभाग का बजट तीन गुना किया गया, जबकि शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कटौती की गई है। उन्होंने कहा कि मेट्रो, मेडिकल कॉलेज, एयरपोर्ट और लाइब्रेरी जैसी घोषणाओं में अधिकांश योजनाएं पूर्ववर्ती सरकार की हैं, जिन पर अब तक ठोस प्रगति नहीं हुई।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने बजट को महिलाओं के लिए निराशाजनक बताया। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा, महिला रोजगार, स्व-सहायता समूह, छात्राओं के लिए परिवहन सुविधा और एलपीजी सब्सिडी को लेकर बजट में कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बजट केवल लोकलुभावन घोषणाओं तक सीमित है।
कांग्रेस नेताओं ने संयुक्त रूप से कहा कि साय सरकार का यह तीसरा बजट किसानों, युवाओं, महिलाओं और आम जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरता और इसमें राज्य के समावेशी विकास का कोई स्पष्ट रोडमैप नजर नहीं आता।
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