24 घंटे में मिले 100 से अधिक फीडबैक,जिलेवार कार्रवाई के लिए भेजे जा रहे सुझाव

आईजी रामगोपाल गर्ग की स्पष्ट नीति, एसएसपी रजनेश सिंह की सख़्त मॉनिटरिंग में कसौटी पर पुलिस थाने
बिलासपुर।पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज रामगोपाल गर्ग द्वारा आम नागरिकों से पुलिस व्यवस्था के संबंध में फीडबैक लेने के उद्देश्य से शुरू किए गए अनुभव अभियान को प्रारंभिक चरण में ही उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिल रही है। अभियान की शुरुआत के महज 24 घंटे के भीतर ही रेंज के विभिन्न जिलों से 100 से अधिक फीडबैक प्राप्त हुए हैं।

आईजी श्री गर्ग के निर्देश पर जिले के सभी थानों एवं पुलिस कार्यालयों में क्यूआर कोड लगाए गए हैं ताकि फरियादी और आम नागरिक बिना किसी दबाव के अपना अनुभव साझा कर सकें। इस पूरी प्रक्रिया की सख़्त और नियमित मॉनिटरिंग पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आईपीएस रजनेश सिंह द्वारा स्वयं की जा रही है।
पुलिस महानिरीक्षक श्री गर्ग ने जानकारी देते हुए बताया कि रेंज के सभी थाना, चौकी एवं पुलिस कार्यालयों में क्यूआर कोड लगाए गए हैं, जिन्हें स्कैन कर कोई भी नागरिक अपने सुझाव, शिकायत अथवा अनुभव साझा कर सकता है। यह फीडबैक सीधे पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में प्राप्त हो रहा है, जहां से इसे जिलेवार पृथक कर समीक्षा एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित जिलों को भेजा जा रहा है।
आईजी कार्यालय में प्राप्त फीडबैक को संस्थागत सुधार की दृष्टि से विश्लेषित किया जा रहा है। अच्छे और व्यवहारिक सुझावों पर अमल करते हुए संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षकों को भेजा जा रहा है। साथ ही प्रत्येक जिले में साप्ताहिक समीक्षा कर, फीडबैक के आधार पर की गई कार्रवाइयों की जानकारी भी ली जाएगी।

आम नागरिकों ने भी इस पहल को सराहा है। फीडबैक के माध्यम से लोगों ने बताया कि यह प्रणाली सरल, पारदर्शी और आसानी से उपयोग की जा सकने वाली है, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली में सुधार की दिशा में सार्थक पहल संभव होगी।
पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग ने अधिक से अधिक लोगों से अपील की है कि वे थाना एवं पुलिस कार्यालयों में लगे अनुभव क्यूआर कोड को स्कैन कर अपने अनुभव साझा करें, ताकि पुलिस व्यवस्था को और अधिक जनोन्मुखी एवं प्रभावी बनाया जा सके।

आईजी रेंज रामगोपाल गर्ग की नीति और एसएसपी रजनेश सिंह की सख़्त निगरानी के चलते यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि अब पुलिस थानों का मूल्यांकन केवल फाइलों से नहीं, बल्कि जनता के अनुभव से होगा। अनुभव प्रणाली को पुलिस सेवाओं में पारदर्शिता अनुशासन और सुधार की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।

वहीं अनुभव के माध्यम से 1-2 थानों के संबंध में कमियों की शिकायत भी सामने आई है। इस पर एसएसपी रजनेश सिंह ने संबंधित थाना प्रभारियों एवं कर्मचारियों को कड़ी समझाइश देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि जनता से व्यवहार कार्य में लापरवाही और अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। संबंधित उप पुलिस अधीक्षक नगर पुलिस अधीक्षक एवं अनुविभागीय अधिकारियों को भी ऐसे थानों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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