बिलासपुर। अमीन-पटवारी की नौकरी लगवाने का झांसा देकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे एक छात्र से करीब पांच लाख रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने ठगी की रकम को खपाने के लिए दूसरे व्यक्ति के बैंक खाते का उपयोग किया था। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।

कोतवाली थाना पुलिस के अनुसार सूरजपुर जिले का रहने वाला अभय किशोर तिवारी बिलासपुर के कोतवाली क्षेत्र में किराए के मकान में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। इसी दौरान उसकी पहचान बलौदाबाजार जिले के नवापारा हथबंद निवासी राकेश कुमार उर्फ दुर्गेश देवांगन से हुई। आरोपी ने खुद को मंत्रालय और बड़े नेताओं से करीबी संबंध रखने वाला बताया और अमीन-पटवारी की नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया। नौकरी लगवाने के बदले आरोपी ने अभय से पांच लाख रुपये की मांग की। आरोपी की बातों में आकर अभय ने करीब पांच महीने पहले अलग-अलग किस्तों में कुल पांच लाख 25 हजार रुपये उसे दे दिए। रुपये लेने के बाद आरोपी लगातार जल्द नौकरी लगने का आश्वासन देता रहा। हालांकि जब अमीन भर्ती का परिणाम जारी हुआ, उसमें अभय का नाम नहीं आया। इसके बाद आरोपी ने पीएससी के माध्यम से केमिस्ट पद पर नौकरी लगवाने की बात कहकर उसे फिर गुमराह किया। इससे अभय को धोखाधड़ी का शक हुआ। जब न तो कोई नौकरी लगी और न ही रुपये वापस किए गए, तब अभय ने आरोपी से संपर्क करने का प्रयास किया। इस दौरान आरोपी टालमटोल करने लगा और बाद में अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया। खुद के साथ ठगी होने का एहसास होने पर पीड़ित ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने बीएनएस की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज किया। मामले की जांच शुरू होते ही आरोपी अपने ठिकाने से फरार हो गया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ने आदर्श महंत के नाम से बैंक खाता खुलवाया था। उस खाते का एटीएम कार्ड, चेकबुक और पासबुक अपने पास रखकर ठगी की रकम का लेनदेन करता रहा। जांच में मिले तथ्यों के आधार पर मामले में बीएनएस की धारा 338, 336(3), 340(2) और 341(2) भी जोड़ी गई हैं। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल दाखिल करा दिया गया।
प्रधान संपादक


