बिलासपुर। केंद्रीय जेल बिलासपुर में मंगलवार को अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन स्थिति से निपटने के उद्देश्य से फायर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य जेल परिसर में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आगजनी जैसी आपदा के प्रति सतर्क करना तथा आपात स्थिति में त्वरित, सही और समन्वित प्रतिक्रिया के लिए प्रशिक्षित करना रहा।

मॉक ड्रिल का आयोजन स्टेशन फायर ऑफिसर वेद नारायण सेन के पर्यवेक्षण में किया गया। इसमें नगर सेना, फायर विभाग, एसडीआरएफ परसदा एवं बिलासपुर की संयुक्त टीम ने भाग लिया। अभ्यास के दौरान फायर ब्रिगेड की टीम ने अधिकारियों और कर्मचारियों को आग के विभिन्न प्रकारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। प्रशिक्षण सत्र में सॉलिड फायर, लिक्विड फायर एवं गैस फायर के स्वरूप, उनके कारण और उनसे होने वाले संभावित नुकसान के बारे में समझाया गया। फायर विभाग की टीम ने बताया कि आग पर काबू पाने के लिए सही प्रकार के फायर एक्सटिंग्विशर एजेंट का चयन अत्यंत आवश्यक होता है। अलग-अलग तरह की आग के लिए उपयोग किए जाने वाले एक्सटिंग्विशर और उनके सही उपयोग की विधि की जानकारी दी गई, ताकि किसी आपात स्थिति में भ्रम या देरी न हो। इसके साथ ही फायर ट्रायंगल के सिद्धांत ईंधन, ऑक्सीजन और ताप के बारे में भी विस्तार से बताया गया। अधिकारियों को समझाया गया कि इन तीनों में से किसी एक तत्व को नियंत्रित या हटाकर आग को कैसे बुझाया जा सकता है। प्रशिक्षण के बाद लाइव फायर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया, जिसमें आग लगने की वास्तविक स्थिति का अभ्यास कर दिखाया गया। इस दौरान केंद्रीय जेल के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने स्वयं फायर एक्सटिंग्विशर का उपयोग कर आग पर नियंत्रण पाने का अभ्यास किया। फायर ब्रिगेड और एसडीआरएफ की टीम ने कर्मचारियों को सुरक्षा उपायों, सावधानियों तथा आपातकालीन परिस्थितियों में अपनाई जाने वाली मानक प्रक्रिया की जानकारी दी। मॉक ड्रिल के दौरान यह भी बताया गया कि किसी भी आपदा की स्थिति में घबराने के बजाय संयम बनाए रखना, त्वरित सूचना देना और तय प्रक्रिया के अनुसार कार्य करना जान-माल की सुरक्षा के लिए आवश्यक है। कार्यक्रम में केंद्रीय जेल अधीक्षक खोमेश मंडावी, जेलर बृजेश साहू सहित जेल के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। वहीं एसडीआरएफ की ओर से दुर्गेश राठौर एवं उनकी टीम तथा फायर विभाग से मोहन साहू एवं उनकी टीम ने सक्रिय भूमिका निभाई।
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