बिलासपुर। सकरी थाना क्षेत्र के ग्राम परसदा में सोमवार शाम तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से सड़क पार कर रही महिला और उसकी चार साल की बेटी की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद बाइक चालक मौके पर बाइक छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने बाइक जब्त कर अज्ञात चालक की तलाश शुरू कर दी है।

सकरी थाना प्रभारी विजय चौधरी ने बताया कि मृतका उर्मिला मनहर (35) मुंगेली जिले के जरहागांव थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम अमोरा की रहने वाली थीं। वे गृहणी थीं और कुछ दिनों पहले अपनी चार साल की बेटी मान्या के साथ मायके परसदा आई हुई थीं। सोमवार को शाम करीब पांच बजे उर्मिला अपनी बेटी को लेकर परसदा कॉलोनी से बस्ती की ओर घूमने गई थीं। लौटते समय जब वे बस्ती से कॉलोनी की ओर सड़क पार कर रही थीं, तभी बिलासपुर की ओर से तेज रफ्तार में आ रही बाइक ने मां-बेटी को जोरदार टक्कर मार दी। आसपास के लोगों ने बताया कि बाइक की रफ्तार काफी अधिक थी। टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक चालक भी सड़क पर गिर पड़ा। हादसे में उर्मिला और मान्या गंभीर रूप से घायल हो गईं। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल घटना की जानकारी उर्मिला के मायके वालों को दी और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। हालांकि अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने मां-बेटी दोनों को मृत घोषित कर दिया। इधर हादसे के बाद बाइक चालक मौके का फायदा उठाकर फरार हो गया। पुलिस ने घटना स्थल से बाइक को जब्त कर लिया है। जांच में सामने आया है कि बाइक पर नंबर प्लेट नहीं लगी थी। पुलिस चेसिस नंबर के आधार पर वाहन मालिक और चालक की पहचान करने में जुटी है। मंगलवार को सकरी पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। घटना के बाद से गांव और परिजनों में शोक का माहौल है।
रफ्तार बन रही मौत की वजह
जिले में तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाना लगातार जानलेवा साबित हो रहा है। पुलिस आंकड़ों के अनुसार बीते वर्ष जिले में करीब 1500 सड़क हादसे हुए, जिनमें 298 लोगों की जान चली गई। इन हादसों में अधिकांश कारण तेज रफ्तार, ट्रैफिक नियमों की अनदेखी और चालक की लापरवाही सामने आई है। वहीं 1307 लोग घायल हुए, जिनमें से कई को जीवनभर विकलांगता का दंश झेलना पड़ रहा है। पुलिस लगातार अपील कर रही है कि वाहन चालक गति सीमा का पालन करें, लेकिन इसके बावजूद रफ्तार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है।
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