बिलासपुर। कोनी क्षेत्र में रहने वाली एक युवती से ऑनलाइन शॉपिंग साइट से रिफंड दिलाने के नाम पर 1 लाख 99 हजार रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने साइबर ठगी में संलिप्त एक आरोपी को झारखंड के जामताड़ा जिले से गिरफ्तार किया है। आरोपी को बिलासपुर लाकर न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस अब उसके अन्य साथियों की तलाश कर रही है।

कोनी क्षेत्र में रहने वाली युवती ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2022 में उसने एक ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट से सामान खरीदा था। सामान पसंद नहीं आने पर उसने उसे वापस कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद उसके बैंक खाते में रिफंड की राशि वापस नहीं आई। रिफंड को लेकर परेशान युवती ने इंटरनेट पर संबंधित शॉपिंग साइट का कस्टमर केयर नंबर सर्च किया। इंटरनेट पर मिले नंबर पर युवती ने कॉल किया तो दूसरी ओर से बात कर रहे व्यक्ति ने खुद को शॉपिंग साइट का प्रतिनिधि बताया। आरोपी ने रिफंड दिलाने का झांसा देते हुए युवती को अपने मोबाइल फोन में “एनीडेस्क” एप डाउनलोड करवाया। एप डाउनलोड होने के बाद आरोपी ने युवती के मोबाइल का रिमोट एक्सेस हासिल कर लिया और उसके बैंक खाते से 1 लाख 99 हजार रुपये अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए निकाल लिए। जब युवती के खाते से रुपये कट गए, तब उसे ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद उसने कोनी थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान बैंक खातों और ट्रांजेक्शन डिटेल्स की पड़ताल की गई। पुलिस जांच में सामने आया कि ठगी की रकम एक संगठित साइबर गिरोह के माध्यम से निकाली गई है। गिरोह का एक सदस्य झारखंड के जामताड़ा जिले में रह रहा था। पुलिस ने जामताड़ा जिला अंतर्गत झपदाहा निवासी बाबूधन कर्मकार को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने अपने एक साथी की मदद से पश्चिम बंगाल में दूसरा बैंक खाता खुलवाया था, जिसमें ठगी की रकम ट्रांसफर कर वहां से रुपये निकाल लिए गए। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर बिलासपुर लाया और न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल दूसरे आरोपी की पहचान कर ली गई है और उसकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
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