छत्तीसगढ़ कोरिया। कोरिया-सूरजपुर सीमा एक बार फिर जंगली हाथियों के भारी आतंक से जूझ रही है। मौसम की मार से पहले ही परेशान किसान अब हाथियों के उत्पात से दोहरी मुसीबत झेल रहे हैं। बीते तीन दिनों से करीब 25 हाथियों का बड़ा दल कछाड़ी, जोगिया, मझगवां कोरिया से होते हुए किरवाही घुइडी और छतरंग सूरजपुर तक लगातार गांव-दर-गांव घूम रहा है और किसानों की खड़ी धान की फसल रौंधकर भारी नुकसान पहुँचा रहा है।
मेण्ड्रा-भुलावार-रजपुरी में बड़ी तबाही
ग्रामीणों के मुताबिक राष्ट्रीय उद्यान से भटके इस झुंड ने सोनहत ब्लॉक के मेण्ड्रा, रजपुरी और भुलावार में कई किसानों की पूरी फसल तबाह कर दी। सोमारसाय, सुखदेव, बिरझू, नंदलाल, जवाहिर और इंदरसाय के खेतों में लगी धान की पूरी फसल रौंध डाली गई। हाथियों ने ग्रामीणों द्वारा मिसाई के लिए रखी गई धान की बोरियाँ भी खा लीं, जिससे किसानों की सालभर की मेहनत मिट्टी में मिल गई।
रातभर टॉर्च लेकर पहरा
हाथियों की लगातार गतिविधि से गांवों में दहशत का माहौल है। खतरे के बावजूद किसान फसल बचाने के लिए रातभर टॉर्च, मुनिया और ढोल लेकर खेतों की रखवाली करते रहे। वन विभाग लगातार दूरी बनाए रखने की अपील कर रहा है, मगर किसान मजबूरी में खतरा उठाकर खेतों की ओर जा रहे हैं।
वन अमला सक्रिय, प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम प्रभावित इलाकों में पहुँची और हाथियों को राष्ट्रीय उद्यान की ओर खदेड़ा। टीम ने क्षति का प्राथमिक आकलन कर रिपोर्ट तैयार करना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि रात में अकेले खेतों की ओर न जाएं।
सलबा में घर क्षतिग्रस्त, 5 क्विंटल धान बर्बाद
बैकुण्ठपुर के सलबा पंचायत के जमडीपारा में हाथियों ने मंगल बाबा के घर को नुकसान पहुँचाया। घर में रखे 5 क्विंटल धान और आलू की फसल नष्ट हो गई। झोपड़ी टूटने पर घर में सो रहा एक बच्चा घायल हुआ, हालांकि अब वह सुरक्षित बताया जा रहा है। फॉरेस्ट ऑफिसर नरेश सिंह ने मौके पर पहुँचकर जांच की और जल्द मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है।
बिशुनपुर में बुजुर्ग की दुखद मृत्यु
बिशुनपुर में हाथियों के हमले में बांधपारा निवासी फुलसाय पंडो की मौत हो गई। तेज रफ्तार मालगाड़ी गुजरने से घबराए हाथियों का झुंड बिखर गया था। इसी दौरान उग्र हाथी फुलसाय की झोपड़ी तक पहुँच गए और उन्हें सूंड से उठाकर पटक दिया। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में भय का माहौल है।
वन विभाग की चुनौती बढ़ी
कई दिशाओं में फैले हाथियों के कारण वन विभाग को ट्रैकिंग और नियंत्रण में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। रात के अंधेरे और कड़ाके की ठंड में ग्रामीण लगातार रतजगा कर रहे हैं, जिससे फसल का नुकसान और बढ़ रहा है।
मुआवजे की मांग तेज
कोरिया जन सहयोग समिति के कार्यकारी अध्यक्ष अधिवक्ता जयचन्द सोनपाकर ने मृतक के परिवार, मकान क्षति और फसल नुकसान की तत्काल क्षतिपूर्ति की मांग की है। उन्होंने कहा कि किसानों की सालभर की मेहनत चौपट हो चुकी है, इसलिए शीघ्र राहत दी जाए।यूथ कांग्रेस अध्यक्ष प्रकाश चन्द्र साहू ने भी वन विभाग से सतर्कता बढ़ाने और प्रभावित किसानों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
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