तीन हजार जिला स्तर के विजेता करेंगे मुकाबला, 500 नक्सल पीड़ित और पुनर्वासित नक्सली होंगे सहभागी
छत्तीसगढ़ 30 नवम्बर 2025। बस्तर ओलंपिक-2025 की संभाग स्तरीय प्रतियोगिताओं की तैयारियों को लेकर उप मुख्यमंत्रीद्वय अरुण साव और विजय शर्मा ने विस्तृत समीक्षा की। संभागीय मुख्यालय जगदलपुर में 11 से 13 दिसम्बर तक होने वाले इस आयोजन में जिला स्तरीय स्पर्धाओं से चयनित लगभग तीन हजार खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। साथ ही करीब 500 नक्सल पीड़ित एवं पुनर्वासित नक्सली भी विभिन्न प्रतियोगिताओं में अपना प्रदर्शन करेंगे।
रायपुर के सिविल लाइन स्थित निवास कार्यालय में हुई समीक्षा बैठक में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार मौजूद रहे। बस्तर संभाग के सभी जिले कलेक्टर जिला पंचायत सीईओ और खेल अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
उप मुख्यमंत्री एवं खेल मंत्री अरुण साव ने कहा कि बस्तर ओलंपिक सिर्फ खेल प्रतियोगिता नहीं बल्कि विकास और खेल भावना का संगम है। यह पहल बस्तर के युवाओं को अवसर नेतृत्व और सकारात्मक दिशा देने का माध्यम बनेगी। उन्होंने आयोजन से जुड़े सभी विभागों को निर्देश दिए कि खेल प्रबंधन मैदान आवास भोजन सफाई परिवहन सुरक्षा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों सहित सभी तैयारियां उत्कृष्ट स्तर की हों, ताकि बस्तर ओलंपिक की प्रतिध्वनि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सकारात्मक रूप से पहुंचे।
उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने इस आयोजन को यादगार बनाने सभी विभागों को समन्वय के साथ जिम्मेदारियाँ निभाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बस्तर के युवा खेलों के माध्यम से ऊर्जा और प्रतिभा का बेहतर प्रदर्शन कर सकें, इसके लिए अधिकाधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को भी इस आयोजन से जोड़ा जाए।
उन्होंने अधिकारियों को पिछली बार और इस बार के विजेता खिलाड़ियों को यूथ आइकॉन बनाकर विभिन्न गतिविधियों में शामिल करने को कहा, ताकि अधिक से अधिक युवा प्रेरित हों।
बैठक में प्रभारी खेल अधिकारी श्री ऋषिकेश तिवारी ने बताया कि बस्तर संभाग के 32 विकासखंडों से तीन लाख 91 हजार से ज्यादा प्रतिभागियों ने पंजीयन कराया। इनमें से दस हजार से ऊपर खिलाड़ियों ने जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और लगभग तीन हजार खिलाड़ी अब संभाग स्तरीय स्पर्धाओं में उतरेंगे।
संभाग स्तरीय मुकाबलों में 11 खेल
एथलेटिक्स तीरंदाजी बैडमिंटन फुटबॉल,हॉकी वेटलिफ्टिंग, कराटे, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल और रस्साकसी कराए जाएंगे। इसमें 500 नक्सल पीड़ित और पुनर्वासित नक्सली भी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
उन्होंने बताया कि फुटबॉल, वॉलीबॉल, कराटे, वेटलिफ्टिंग और बैडमिंटन की स्पर्धाएं जगदलपुर के सिटी ग्राउंड में होंगी। हॉकी के मुकाबले पंडरीपानी स्थित खेलो इंडिया सेंटर में और कबड्डी, खो-खो, आर्चरी, एथलेटिक्स व रस्साकसी की प्रतियोगिताएं धरमपुरा स्थित क्रीड़ा परिसर में आयोजित की जाएंगी।
इस अवसर पर खेल विभाग की संचालक श्रीमती तनूजा सलाम, उप संचालक श्रीमती रश्मि ठाकुर सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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