दुर्ग पुलिस की विवेचना और अभियोजन की पैरवी के बाद दोषसिद्धि, विभिन्न धाराओं में सुनाई गई सजा
CBN36 दुर्ग। चैतन साहू हत्याकांड में दुर्ग जिला न्यायालय ने 14 अक्टूबर 2026 को फैसला सुनाते हुए आरोपियों को दोषसिद्ध कर विभिन्न धाराओं में सजा सुनाई है। थाना सुपेला में दर्ज अपराध क्रमांक 437/2024 से संबंधित इस मामले में न्यायालय ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1)/190 सहित अन्य धाराओं के तहत आजीवन कारावास और अलग-अलग अवधि के कारावास के साथ अर्थदंड भी लगाया है। मामले की विवेचना दुर्ग पुलिस ने की थी, जबकि न्यायालय में अभियोजन पक्ष की ओर से प्रभावी पैरवी की गई।
आयुष्मान अस्पताल के पास हुई थी घटना
मामला 29 दिसंबर 2024 की रात करीब 8:30 बजे का है। दुर्ग के सिविल लाइन स्थित आयुष्मान अस्पताल के पास चैतन साहू के साथ मारपीट की गई थी, जिसमें उसकी मृत्यु हो गई थी। घटना के बाद थाना सुपेला में अपराध क्रमांक 437/2024 के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। पुलिस ने प्रकरण से संबंधित साक्ष्य जुटाए और न्यायालयीन विचारण के लिए मामला प्रस्तुत किया।
तीन आरोपियों के नाम प्रकरण में शामिल
प्रकरण में रोशनी उर्फ रोशलीन लकड़ा (19), निवासी चांदनी चौक, अंबिकापुर, जिला सरगुजा; कुलेश्वर साहू (19) और आकाश देशलहरा (19), दोनों निवासी वार्ड क्रमांक 40, सिविल लाइन, कसारीडीह, जिला दुर्ग के नाम आरोपियों के रूप में दर्ज हैं। उपलब्ध न्यायालयीन विवरण में रोशनी उर्फ रोशलीन लकड़ा और कुलेश्वर साहू के विरुद्ध दोषसिद्धि एवं सजा के आदेश का उल्लेख है।
आजीवन कारावास सहित अलग-अलग सजाएं
न्यायालय के सजा वारंट के अनुसार, धारा 191(2) बीएनएस के तहत दो वर्ष का कारावास और 500 रुपये अर्थदंड, धारा 191(3) के तहत तीन वर्ष का कारावास और 500 रुपये अर्थदंड तथा धारा 103(1)/190 के तहत आजीवन कारावास और 500 रुपये अर्थदंड का उल्लेख है। इसके अलावा धारा 61(2) के तहत आजीवन कारावास और 500 रुपये अर्थदंड तथा धारा 118(1) के तहत तीन वर्ष का कारावास और 500 रुपये अर्थदंड की सजा भी दर्ज है।
न्यायालय ने सजाएं साथ-साथ चलाने और न्यायिक अभिरक्षा में बिताई गई अवधि को नियमानुसार सजा में समायोजित करने का आदेश दिया है।
निरीक्षक केशव राम कोसले ने की विवेचना
मामले की विवेचना निरीक्षक केशव राम कोसले ने की। पुलिस के अनुसार, विवेचना के दौरान आवश्यक साक्ष्य संकलित कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मामले से जुड़े तथ्यों और साक्ष्यों को रखा। सहायक जिला लोक अभियोजक संजय शुक्ल ने न्यायालय में पैरवी की।
विवेचना की गुणवत्ता, साक्ष्यों की प्रस्तुति और न्यायालय में प्रभावी पैरवी के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जिला दुर्ग ने संबंधित पुलिस अधिकारी और अभियोजन पक्ष के योगदान की सराहना की।
हिंसा से दूर रहने की अपील
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से विवाद की स्थिति में कानून हाथ में नहीं लेने की अपील की है। पुलिस ने कहा कि किसी भी तरह की हिंसा या आपराधिक गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें और अपराधों की विवेचना एवं न्यायालयीन प्रक्रिया में सहयोग करें। कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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