साइबर ठगी और ऑनलाइन सट्टे के वित्तीय नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई; 63 एफआईआर में 1668 खातों पर वैधानिक कार्रवाई
2.75 करोड़ की डिस्प्यूट राशि फ्रीज, 578 खातों का सत्यापन पूरा; 916 खाते अभी जांच के दायरे में
CBN36 दुर्ग, 17 सितंबर। साइबर ठगी और ऑनलाइन सट्टे के वित्तीय नेटवर्क को तोड़ने के लिए दुर्ग पुलिस ने बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू की है। पुलिस ने तकनीकी और वित्तीय विश्लेषण के आधार पर 3162 म्यूल बैंक खातों की पहचान की है। इनमें से 63 एफआईआर में 1668 खातों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा चुकी है। इन प्रकरणों में अब तक 257 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है।
एएसपी के अनुसार विभिन्न साइबर ठगी और ऑनलाइन सट्टा प्रकरणों से संबंधित 2,75,50,091 रुपये की डिस्प्यूट राशि पर होल्ड (फ्रीज) लगाया गया है। इससे संबंधित रकम की आगे निकासी और हस्तांतरण पर रोक लगाने की कार्रवाई की गई है।
कमीशन के लालच में खाते लेकर करते थे रकम का खेल

पुलिस जांच में सामने आया है कि साइबर अपराधी और ऑनलाइन सट्टे से जुड़े लोग लोगों को कमीशन या आसान कमाई का लालच देकर उनके बैंक खाते हासिल करते हैं। इन खातों में साइबर ठगी अथवा अन्य अवैध गतिविधियों से हासिल रकम जमा कराई जाती है। इसके बाद रकम को अलग-अलग बैंक खातों और डिजिटल माध्यमों से आगे ट्रांसफर किया जाता है।
कुछ मामलों में खाताधारक खुद अपना बैंक खाता दूसरे लोगों को उपलब्ध कराते हैं, जबकि कुछ मामलों में बैंकिंग लेन-देन का संचालन दूसरे व्यक्ति करते हैं। पुलिस बैंकिंग रिकॉर्ड, केवाईसी, यूपीआई ट्रांजेक्शन, मोबाइल नंबर और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के जरिए रकम के पूरे प्रवाह की पड़ताल कर रही है।
578 खातों का सत्यापन, 916 की जांच जारी

3162 चिन्हित खातों में से 578 खातों के संबंध में सत्यापन/इस्तगासा की कार्रवाई की गई है। वहीं 916 खाते अभी लंबित हैं। इन खातों के बैंकिंग लेन-देन, केवाईसी और डिजिटल साक्ष्यों का तकनीकी विश्लेषण जारी है। जांच में संदिग्ध भूमिका सामने आने पर संबंधित खाताधारकों और अन्य जुड़े लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
खातों से लेकर मोबाइल-सिम तक जब्त
प्रकरणवार कार्रवाई के दौरान पुलिस ने बैंक खातों से जुड़े अभिलेख, एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक, मोबाइल फोन, सिम कार्ड, केवाईसी दस्तावेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं।
कार्रवाई में साइबर सेल और तकनीकी टीम की अहम भूमिका
दुर्ग पुलिस की इस कार्रवाई में संबंधित थाना प्रभारी, साइबर सेल, तकनीकी विश्लेषण टीम, विवेचना अधिकारी और थाना स्टाफ शामिल हैं। टीमों ने बैंकिंग ट्रांजेक्शन का विश्लेषण कर म्यूल खातों की पहचान, खाताधारकों का सत्यापन, डिजिटल साक्ष्य संकलन और आरोपियों की गिरफ्तारी की कार्रवाई की।
दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल की अपील

कमीशन या आसान कमाई के लालच में अपना बैंक खाता किसी दूसरे व्यक्ति को न दें। एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक, सिम, ओटीपी, यूपीआई या इंटरनेट बैंकिंग की जानकारी साझा न करें। संदिग्ध प्रस्ताव मिलने पर तत्काल 1930 पर शिकायत करें या नजदीकी पुलिस थाने को सूचना दें।
कार्रवाई एक नजर में
चिन्हित म्यूल बैंक खाते 3,162,कुल एफआईआर 63,कार्रवाई के दायरे में खाते 1,668,गिरफ्तार आरोपी 257,सत्यापन इस्तगासा 578 खाते,लंबित खाते 916,डिस्प्यूट राशि पर होल्ड 2,75,50,091/-
प्रधान संपादक




