
“आम लोगों से पूछा- कैसी होनी चाहिए पुलिसिंग, शिकायतें और संवेदनशील स्थान सामने आए; बीट में लापरवाही पर एसएसपी के सख्त तेवर- काम नहीं कर पाए तो लाइन में ली जाएंगी सेवाएं”
CBN36 छत्तीसगढ़ बिलासपुर/तखतपुर। तखतपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत समडील में रविवार को घोंघा नदी का अचानक आया तेज बहाव तीन परिवारों के लिए जिंदगी भर का दर्द दे गया। स्कूल से छुट्टी के बाद घर लौट रहे तीन मासूम नदी पार कर रहे थे। नदी में पानी ज्यादा नहीं था, लेकिन अचानक तेज बहाव आया और तीनों बच्चे उसकी चपेट में आ गए। देखते ही देखते तीनों नदी में बह गए। घंटों चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद तीनों बच्चों के शव बरामद किए जा सके।
इस दर्दनाक घटना के बाद बिलासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह तखतपुर पहुंचे। लेकिन उनका दौरा महज थाने की औपचारिक जांच तक सीमित नहीं रहा। एसएसपी ने पुलिसिंग की जमीनी हकीकत जानने के लिए आम लोगों से सीधे संवाद किया। उन्होंने पूछा कि पुलिस से उनकी क्या अपेक्षा है, पुलिसिंग में कहां सुधार की जरूरत है और किन स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी या निगरानी बढ़ाई जानी चाहिए।
79 गांवों की पुलिसिंग, 14 गांव झगड़ालू श्रेणी में

तखतपुर थाना क्षेत्र में कुल 79 गांव हैं, जिनमें 14 गांवों को झगड़ालू गांव के रूप में चिन्हित किया गया है। निरीक्षण के दौरान इन गांवों में अपराध की स्थिति और स्थानीय समस्याओं की जानकारी ली गई। इन क्षेत्रों में अवैध शराब, मारपीट और भूमि विवाद से संबंधित शिकायतें अधिक मिलने की बात सामने आई।एसएसपी ने ऐसे क्षेत्रों में पुलिस की सक्रियता बढ़ाने, अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने और समय रहते प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए।
बीट में लापरवाही पर दो टूक- नहीं चलेगी ढिलाई

निरीक्षण के दौरान एसएसपी के तेवर सख्त नजर आए। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि जो पुलिसकर्मी अपनी बीट में प्रभावी ढंग से काम नहीं कर पा रहे हैं, उनकी सेवाएं लाइन में ली जाएंगी। पुलिसिंग में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।बीट कर्मचारियों को अपने क्षेत्र के गांवों, अपराधियों और स्थानीय समस्याओं की पूरी जानकारी रखने तथा झगड़ालू गांवों में अपराधों की विस्तृत जानकारी जुटाकर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
थाने में नहीं रुके, जनता के बीच जाकर पूछा- कैसी होनी चाहिए पुलिसिंग
एसएसपी ने आम लोगों से बातचीत कर पुलिस की कार्यप्रणाली का फीडबैक लिया। इस दौरान लोगों ने अपनी शिकायतें और अपेक्षाएं सामने रखीं। कई स्थानों को भी चिन्हित किया गया, जहां लोगों ने पुलिस की निगरानी और सक्रियता बढ़ाने की जरूरत बताई।
यही वह हिस्सा रहा जिसने निरीक्षण को सामान्य थाना निरीक्षण से अलग बना दिया। एसएसपी ने पुलिस की रिपोर्ट सुनने के बजाय जनता की रिपोर्ट सुनने पर जोर दिया।
19 शिकायतों और चरित्र सत्यापन प्रकरणों की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान सीएम हेल्पलाइन की 19 शिकायतों और चरित्र सत्यापन प्रकरणों की समीक्षा की गई। एसएसपी ने इनके समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निराकरण के निर्देश दिए।
संगठित अपराध पर धारा 112 का इस्तेमाल
एसएसपी रजनेश सिंह ने संगठित अपराध में संलिप्त लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 112 के तहत आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। बीट कर्मचारियों को अपने क्षेत्रों में संगठित अपराध से जुड़े लोगों की जानकारी जुटाकर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
कर्मचारियों का लिया फीडबैक, कुछ पर उठे सवाल
थाने में पदस्थ कर्मचारियों की कार्यप्रणाली का भी फीडबैक लिया गया। अधिकांश कर्मचारियों के संबंध में प्रतिक्रिया ठीक रही, लेकिन कुछ कर्मचारियों की लगातार दो से चार वर्षों तक एक ही थाने में पदस्थापना और पुनः उसी थाने में आ जाने को लेकर लोगों ने उनके कामकाज पर सवाल उठाए।
एसएसपी रजनेश सिंह ने ऑन स्पॉट फैसला लेते हुए कुछ कर्मचारियों के संबंध में लगातार शिकायतें मिलने तथा अपराध नियंत्रण एवं कार्यप्रणाली पर संदेह व्यक्त किए जाने के बाद संबंधित कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाज़िर करने के आदेश दिए ।
अवैध शराब पर भी सख्ती, कार्रवाई लगातार जारी रखने के निर्देश
एसएसपी सिंह ने अवैध शराब के खिलाफ सख्त और प्रभावी कार्रवाई तथा ऐसे अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार अंकुश रखने के निर्देश दिए। बार-बार अवैध शराब के कारोबार में संलिप्त आरोपियों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक और बाउंड ओवर की कार्रवाई करने को भी कहा गया।
तीन मासूमों की मौत के बाद सवाल भी, जवाबदेही भी
घोंघा नदी में तीन बच्चों की मौत ने जहां तीन परिवारों को कभी न भरने वाला दर्द दिया, वहीं इसके बाद एसएसपी सिंह का तखतपुर पहुंचकर पुलिसिंग की जमीनी स्थिति को परखना भी चर्चा में है।
79 गांव, 14 झगड़ालू गांव, 19 शिकायतें और चरित्र सत्यापन प्रकरण, संगठित अपराध पर धारा 112 की कार्रवाई और बीट कर्मचारियों की जवाबदेही-एसएसपी के निरीक्षण में पुलिसिंग के कई स्तरों की पड़ताल हुई।
अब देखना यह है कि जनता और पुलिसकर्मियों से मिले फीडबैक के आधार पर आगे क्या निर्णय लिए जाते हैं। फिलहाल एसएसपी रजनेश सिंह ने एक बात तो साफ कर दी है-बीट में काम नहीं तो जवाबदेही तय होगी और पुलिसिंग में लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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