बिलासपुर में तारबाहर पुलिस और ACCU की बड़ी कार्रवाई, पूर्व में तीन आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
CBN36 बिलासपुर। कांग्रेस नेता श्याम कश्यप पर जानलेवा हमला कराने के मामले में तारबाहर पुलिस और ACCU की संयुक्त टीम ने कथित तौर पर सुपारी देने वाले मुख्य आरोपी नवीन पटेल को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने श्याम कश्यप की हत्या कराने के लिए दीपक तिवारी को पैसे उपलब्ध कराए थे। पूछताछ में अपराध स्वीकार करने के बाद पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं।
सुबह टहलने निकले थे, तभी घेरकर किया हमला
मामला 4 जुलाई 2026 की सुबह का है। प्रार्थी शिशिर कश्यप के मुताबिक, वह अपनी बेटी को स्कूल छोड़कर घर लौट रहे थे। इसी दौरान उनके पिता ने फोन कर बताया कि सुबह करीब 6:45 बजे वह मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे। रेलवे अस्पताल के पास पहुंचने पर तीन नकाबपोश युवक डंडे और नुकीली वस्तु लेकर पहुंचे और अश्लील गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी देकर मारपीट करने लगे।
CCTV और तकनीकी साक्ष्यों से खुला राज
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर तारबाहर थाना और ACCU की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल की पहचान की गई और संदिग्धों तक पहुंचने के लिए साक्ष्य जुटाए गए।
पहले तीन आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी नितिन टेकाम, साहिल सोनकर और एक विधि से संघर्षरत बालक को पकड़ा था। दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया, जबकि विधि से संघर्षरत बालक के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई की गई।
पैसे देकर हत्या की सुपारी देने का आरोप
जांच की कड़ी मुख्य आरोपी नवीन पटेल तक पहुंची। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ा। पूछताछ में नवीन पटेल ने कथित तौर पर बताया कि उसने श्याम कश्यप को जान से मारने के लिए दीपक तिवारी को पैसे उपलब्ध कराए थे। पुलिस के अनुसार, आरोपी के अपराध स्वीकार करने के बाद उसके कब्जे से दो मोबाइल फोन जब्त किए गए।
न्यायिक रिमांड पर भेजा गया आरोपी
पुलिस ने नवीन पटेल को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। मामले में पुलिस अन्य आरोपियों की भूमिका और पूरे घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की भी जांच कर रही है।इस कार्रवाई में थाना तारबाहर पुलिस और ACCU टीम का सराहनीय योगदान रहा। कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में की गई।
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