
उत्तर प्रदेश पुलिस के सहयोग से अंतर्राज्यीय गिरोह पकड़ा गया, लूटा गया सोना-नकदी व हथियार बरामद
बिलासपुर।राजकिशोर नगर क्षेत्र में हुई करोड़ों की ज्वेलरी लूट की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया।आईजी रेंज रामगोपाल गर्ग के नेतृत्व एवं अवकाश पर रहने के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आईपीएस रजनेश सिंह की सतत मॉनिटरिंग में बिलासपुर पुलिस ने उत्तर प्रदेश पुलिस के सहयोग से इस गंभीर और दुस्साहसिक लूट कांड का 24 घंटे के भीतर खुलासा कर उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है।

बिलासगुड़ी में आयोजित प्रेस कॉन्फ़्रेंस में आईजी रेंज आईपीएस रामगोपाल गर्ग ने बताया कि ज्वेलरी लूट की इस वारदात को पुलिस ने गंभीर चुनौती के रूप में लिया था। तकनीकी साक्ष्य, CCTV फुटेज और अंतरराज्यीय समन्वय के जरिए 24 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी संभव हो सकी। उन्होंने कहा कि गिरोह से जुड़े अन्य मामलों की भी जांच की जा रही है।ऑपरेशन में अंतरराज्यीय लुटेरा गिरोह के मास्टरमाइंड विजय लांबा समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 2 किलो सोना, लाखों रुपये नकद, हथियार और वारदात में प्रयुक्त वाहन बरामद किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार, 17 फरवरी 2026 की रात करीब 9.15 बजे बसंत विहार चौक, सरकंडा स्थित महालक्ष्मी ज्वेलर्स के संचालक संतोष तिवारी दुकान बंद कर सोने के आभूषण एवं नकदी अपनी रेनॉल्ट क्विड कार (क्रमांक CG 10 AH 7701) में रखकर राजकिशोर नगर स्थित अपने निवास जा रहे थे। कॉलोनी के पास स्थित अंधे मोड़ पर पहले से खड़ी एक मारुति ईको कार ने योजनाबद्ध तरीके से उनकी कार को टक्कर मार दी।कार से उतरते ही ईको सवार आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए पिस्टल तान दी और पिस्टल के बट व हथौड़ी से मारपीट कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। इसके बाद आरोपी कार में रखे चार बैगों में मौजूद लगभग 2 किलो सोना, 200 ग्राम सोने के जेवर, 350 ग्राम कच्चा सोना, 100 ग्राम फाइन गोल्ड तथा 3 लाख 50 हजार रुपये नकद लूटकर कार सहित फरार हो गए।
आईजी के निर्देश पर बनीं कई टीमे
घटना की सूचना मिलते ही आईजी बिलासपुर रेंज रामगोपाल गर्ग ने मामले को गंभीर चुनौती मानते हुए तत्काल विशेष पुलिस टीमें गठित करने के निर्देश दिए। उनके निर्देश पर जिला और रेंज स्तर पर समन्वय स्थापित किया गया तथा आसपास के राज्यों को भी अलर्ट किया गया।
CCTV, फॉरेंसिक और मोबाइल लोकेशन से टूटा नेटवर्क
पुलिस टीमों ने घटनास्थल और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। डॉग स्क्वॉड, फॉरेंसिक जांच और मोबाइल लोकेशन के तकनीकी विश्लेषण से आरोपियों की पहचान की गई। जांच में सामने आया कि आरोपी वारदात के बाद उत्तर प्रदेश की ओर फरार हो रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह घटना के समय पारिवारिक कारणों से व्यक्तिगत अवकाश पर कोलकाता प्रवास पर थे। इसके बावजूद उन्होंने पूरे प्रकरण की लगातार मॉनिटरिंग की। एसएसपी श्री सिंह दूरभाष के माध्यम से अधिकारियों से सतत संपर्क में रहे तथा विवेचना, नाकाबंदी और अंतरराज्यीय समन्वय को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश देते रहे। उनकी निगरानी में पुलिस टीमों ने त्वरित और समन्वित कार्रवाई की।उत्तर प्रदेश पुलिस से तत्काल संपर्क कर मिर्जापुर जिले में घेराबंदी कराई, जहां चार आरोपियों को दबोच लिया गया। एक अन्य आरोपी की पहले ही गिरफ्तारी हो गई थी।
70 से अधिक मामलों में वांछित मास्टरमाइंड
गिरफ्तार आरोपियों में विजय लांबा को पुलिस ने गिरोह का मास्टरमाइंड बताया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में 70 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि वह दिसंबर माह में हुई एक अन्य ज्वेलरी लूट की घटना में भी शामिल रहा है।
ज्वेलर्स को निशाना बनाने का तय पैटर्न

जांच में खुलासा हुआ है कि गिरोह पहले ज्वेलरी कारोबारियों की रेकी करता था। दुकान बंद करने का समय, रूट और वाहन की जानकारी जुटाकर सुनसान स्थान पर एक्सीडेंट का नाटक कर वारदात को अंजाम दिया जाता था। लूट के बाद आरोपी अलग-अलग राज्यों में बंटकर फरार हो जाते थे।
आईजी का सख्त संदेश
आईजी रामगोपाल गर्ग ने कहा कि अंतरराज्यीय हिस्ट्रीशीटरों के खिलाफ अब विशेष रणनीति के तहत कार्रवाई की जाएगी। ऐसे अपराधियों की सूची तैयार कर उनकी निरंतर निगरानी की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि ज्वेलरी कारोबारियों की सुरक्षा पुलिस की प्राथमिकता है और भविष्य में इस तरह की वारदातों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।
अन्य राज्यों में भी खुल सकते हैं केस
पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ जारी है। अन्य राज्यों में हुई ज्वेलरी लूट की घटनाओं से भी कनेक्शन खंगाला जा रहा है। आने वाले दिनों में इस गिरोह से जुड़े कई पुराने मामलों का खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है।
गिरफ़्तार आरोपी


गिरफ्तार आरोपियों में विजय लांबा, निवासी उत्तम नगर द्वारका दिल्ली मोनू उर्फ राहुल उर्फ रोहित निवासी सोरखा गौतमबुद्ध नगर यूपी विनोद उर्फ बीनू प्रजापति निवासी कोटा राजस्थान करीम खान निवासी बरेली यूपी ईरफान अली निवासी टिकरापारा बिलासपुर शामिल है।आरोपी लूट को अंजाम देने के बाद इरफान की स्कॉर्पियो से भागने में सफल रहे बदले में इरफान को डेढ़ लाख रुपए मिला।
इस कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मधुलिका सिंह, एएसपी सिटी पंकज पटेल, एएसपी जांजगीर उमेश कश्यप, सीएसपी निमितेश सिंह, सीएसपी कोतवाली आईपीएस गगन कुमार प्रशिक्षु आईपीएस अंशिका जैन सहित एससीसीयू व जिले के कई पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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