
एसएसपी भोजराम पटेल के मॉनिटरिंग और निर्देश पर आरोपी के बैंक खातों में लाखों रुपये के संदिग्ध लेन-देन, डिजिटल भुगतान के साक्ष्य तथा पूर्व में दर्ज मामलों का विस्तृत रिकॉर्ड न्यायालय में प्रस्तुत किया गया जिसे संगठित अपराध की श्रेणी में माना गया और फरार आरोपी का अग्रिम जमानत निरस्त, गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश तेज ,शीघ्र होगी गिरफ़्तारी
मुंगेली।एसएसपी के सुपरविजन पर थाना चिल्फी में दर्ज सट्टा जुआ प्रकरण में पुलिस की सशक्त तथ्यपरक एवं तकनीकी विवेचना के आधार पर जिला एवं सत्र न्यायालय मुंगेली ने मुख्य आरोपी योगेंद्र शर्मा उर्फ लाला महाराज उर्फ भर्रा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। मामला अपराध क्रमांक 174/2025, धारा 6 छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम, 2022 के अंतर्गत दर्ज है।
सत्र न्यायाधीश श्रीमती गिरजा देवी मेरावी ने आदेश में आरोपी के आपराधिक इतिहास बैंक लेन-देन डिजिटल साक्ष्यों तथा संगठित जुआ नेटवर्क में उसकी सक्रिय भूमिका को गंभीर मानते हुए अग्रिम जमानत देने से इनकार किया। न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत पुलिस विवेचना में अपराध की निरंतरता एवं संगठित स्वरूप स्पष्ट रूप से सामने आया।
प्रकरण के अनुसार, 2 नवंबर 2025 को थाना चिल्फी पुलिस ने ग्राम रैतरा खुर्द में दबिश देकर संजय साहू को सट्टा पट्टी लिखते हुए गिरफ्तार किया था। उसके कब्जे से नगद राशि, मोबाइल फोन एवं सट्टा से संबंधित दस्तावेज जब्त किए गए। तकनीकी जांच व पूछताछ में यह तथ्य उजागर हुआ कि संजय साहू मुख्य आरोपी योगेंद्र शर्मा को सट्टा की राशि का कमीशन देता था।
इस पूरे मामले की एसएसपी भोजराम पटेल ने स्वयं मॉनिटरिंग की और आरोपी के बैंक खातों में लाखों रुपये के संदिग्ध लेन-देन, डिजिटल भुगतान के साक्ष्य तथा पूर्व में दर्ज मामलों का विस्तृत रिकॉर्ड न्यायालय में प्रस्तुत किया गया जिसे संगठित अपराध की श्रेणी में माना गया। आरोपी वर्तमान में फरार है। अग्रिम जमानत निरस्त होने के बाद पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश तेज कर दी है।
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