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October 16, 2026 11:36 pm

पार्सल के नाम पर साइबर ठगी का नया जाल, फर्जी लिंक और OTP से रहें सावधान

पार्सल होल्ड पर है’ जैसे संदेशों के जरिए लोगों को निशाना बना रहे ठग

बलौदा बाजार-भाटापारा ।ऑनलाइन खरीदारी और कूरियर सेवाओं के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर ठगों ने लोगों को ठगी का शिकार बनाने का नया तरीका अपना लिया है। अब ठग पार्सल की डिलीवरी रोकने, पता गलत होने या एड्रेस अपडेट करने का झांसा देकर लोगों के मोबाइल पर फर्जी मैसेज भेज रहे हैं। इन संदेशों में दिए गए लिंक पर क्लिक करवाकर या डिलीवरी के नाम पर ओटीपी मांगकर लोगों की निजी जानकारी और बैंक खातों तक पहुंच बनाने की कोशिश की जा रही है। साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता और सतर्कता को ध्यान में रखते हुए एसपी गौरव राय के संदर्भ में यह विशेष फीचर नागरिकों को ऐसे ऑनलाइन धोखाधड़ी के तरीकों से सावधान रहने का संदेश देता है।

फर्जी लिंक के जरिए बिछाया जा रहा ठगी का जाल

साइबर ठग लोगों को संदेश भेजते हैं कि उनका पार्सल होल्ड पर है, डिलीवरी का पता गलत है या पार्सल प्राप्त करने के लिए तत्काल जानकारी अपडेट करनी होगी। संदेश के साथ एक लिंक दिया जाता है, जो देखने में किसी प्रतिष्ठित कूरियर कंपनी या ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म की वेबसाइट जैसा लग सकता है। जैसे ही व्यक्ति इस लिंक पर क्लिक करता है, उसे फर्जी वेबसाइट पर ले जाया जा सकता है, जहां उससे व्यक्तिगत जानकारी, बैंकिंग विवरण या भुगतान संबंधी जानकारी मांगी जाती है। कुछ मामलों में संदिग्ध ऐप डाउनलोड करवाने का प्रयास भी किया जाता है।

कूरियर कर्मचारी बनकर मांगते हैं ओटीपी

ठगी का दूसरा तरीका फोन कॉल के जरिए अपनाया जाता है। ठग खुद को कूरियर कंपनी का कर्मचारी बताकर पार्सल की डिलीवरी, कैंसिलेशन या पता सत्यापन के बहाने ओटीपी मांगते हैं। जल्दबाजी में लोग उनकी बातों पर भरोसा कर ओटीपी साझा कर देते हैं, जिससे उनके बैंक खाते या अन्य डिजिटल सेवाओं की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। नागरिकों को समझना होगा कि किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर ओटीपी साझा करना या संदिग्ध लिंक के माध्यम से भुगतान करना गंभीर आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है।

इन सावधानियों से बच सकती है मेहनत की कमाई

साइबर ठगी से बचने के लिए नागरिकों को कुछ जरूरी सावधानियां अपनानी चाहिए। पार्सल या डिलीवरी के नाम पर आए अनजान लिंक पर क्लिक न करें। अपना ओटीपी, बैंकिंग पिन और पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें। पार्सल की वास्तविक स्थिति जानने के लिए संबंधित कूरियर कंपनी या ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म की आधिकारिक वेबसाइट अथवा ऐप का ही उपयोग करें। डिलीवरी शुल्क या एड्रेस अपडेट के नाम पर मांगे गए भुगतान की पहले पुष्टि करें। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में संदिग्ध ऐप या एपीके फाइल डाउनलोड न करें।

ठगी होने पर तत्काल करें शिकायत

यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है या उसके बैंक खाते से अनधिकृत रकम निकल जाती है, तो उसे बिना देर किए राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करना चाहिए। इसके अलावा www.cybercrime.gov.in⁠ पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। संबंधित बैंक को भी तुरंत सूचना दें, ताकि आगे होने वाले नुकसान को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकें। ठगी से संबंधित मैसेज, स्क्रीनशॉट और लेनदेन का विवरण भी सुरक्षित रखना चाहिए।

सतर्कता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे बड़ा हथियार

डिजिटल सुविधाओं के साथ साइबर अपराध के तरीके भी बदल रहे हैं। ऐसे में किसी भी अनजान कॉल, संदेश या लिंक पर आंख मूंदकर भरोसा करना नुकसानदायक हो सकता है। पार्सल की डिलीवरी को लेकर कोई संदिग्ध संदेश मिलने पर घबराने या जल्दबाजी में कदम उठाने के बजाय उसकी सत्यता की जांच करना जरूरी है। नागरिकों की जागरूकता और सावधानी ही साइबर ठगी के मामलों में नुकसान की आशंका कम करने का प्रभावी माध्यम है।बलौदा बाजार पुलिस ने अपील की है कि साइबर सुरक्षित रहें, सतर्क रहें और इस महत्वपूर्ण जानकारी को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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