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October 14, 2026 12:19 am

पीएम-सेतु योजना से संवरेगा छत्तीसगढ़ के 30 आईटीआई का स्वरूप, 1,446 करोड़ होंगे खर्च

दुर्ग में भिलाई स्टील प्लांट और बस्तर में एनएमडीसी के साथ एमओयू, युवाओं को मिलेगा उद्योगों की जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षण

CBN36 रायपुर, 13 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ के युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण देकर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आईटीआई (पीएम-सेतु) योजना के तहत प्रदेश के छह क्लस्टरों में 30 शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) का आधुनिकीकरण किया जाएगा। इस पर पांच वर्षों में लगभग 1,446 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का प्रस्ताव है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में दुर्ग और बस्तर क्लस्टर के लिए क्रमशः भिलाई स्टील प्लांट और एनएमडीसी लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इन औद्योगिक संस्थानों की भागीदारी से आईटीआई में प्रशिक्षण को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जाएगा, जिससे युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ेगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को आधुनिक तकनीक और उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल से सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। तेजी से बदलती तकनीक और औद्योगिक क्षेत्र की मांग के अनुसार युवाओं को प्रशिक्षित करने से रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण को गति मिलेगी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में कौशल विकास को रोजगार और औद्योगिक प्रगति से जोड़ने का काम किया जा रहा है। पीएम-सेतु योजना के माध्यम से आईटीआई को आधुनिक प्रशिक्षण, नवाचार, रोजगार और उद्यमिता के केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। सरकार का प्रयास है कि उद्योगों को आवश्यकतानुसार कुशल मानव संसाधन प्रदेश में ही मिले और युवाओं को अपने कौशल के अनुरूप बेहतर रोजगार उपलब्ध हो।

छह क्लस्टरों में 30 आईटीआई का होगा उन्नयन

पीएम-सेतु योजना के तहत छत्तीसगढ़ में दुर्ग, कोरबा, सरगुजा, बस्तर, रायगढ़ और रायपुर क्लस्टर का चयन किया गया है। इनमें छह हब आईटीआई और 24 स्पोक आईटीआई शामिल होंगे। प्रत्येक क्लस्टर में लगभग 241 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है। योजना के तहत हब आईटीआई के लिए 81 करोड़ रुपये और प्रत्येक स्पोक आईटीआई के लिए 40 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

योजना में केंद्र सरकार, राज्य सरकार और उद्योग भागीदार की वित्तीय हिस्सेदारी क्रमशः 50, 33 और 17 प्रतिशत निर्धारित की गई है। इसके तहत आईटीआई में आधुनिक मशीनें, उपकरण, प्रयोगशालाएं और तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों को भी उद्योगों की वर्तमान और भविष्य की जरूरतों के अनुसार विकसित किया जाएगा।

दुर्ग में भिलाई स्टील प्लांट बनेगा उद्योग भागीदार

दुर्ग क्लस्टर में स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) की इकाई भिलाई स्टील प्लांट एंकर इंडस्ट्री पार्टनर के रूप में कार्य करेगा। इस क्लस्टर में शासकीय आईटीआई दुर्ग को हब संस्थान बनाया जाएगा, जबकि भिलाई, महिला आईटीआई भिलाई, राजनांदगांव और डौंडीलोहारा के आईटीआई स्पोक संस्थानों के रूप में शामिल होंगे।

भिलाई स्टील प्लांट के औद्योगिक अनुभव और विशेषज्ञता का लाभ प्रशिक्षण व्यवस्था को मिलेगा। इससे विद्यार्थियों को आधुनिक मशीनों, तकनीकों और औद्योगिक कार्यप्रणाली का व्यावहारिक ज्ञान मिल सकेगा।

बस्तर के युवाओं को मिलेगा आधुनिक प्रशिक्षण

बस्तर क्लस्टर में एनएमडीसी लिमिटेड एंकर इंडस्ट्री पार्टनर होगा। शासकीय आईटीआई बस्तर को हब तथा जगदलपुर, गीदम, कोंडागांव और नारायणपुर के आईटीआई को स्पोक संस्थानों के रूप में शामिल किया गया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर जैसे जनजातीय और दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं तक गुणवत्तापूर्ण तकनीकी प्रशिक्षण पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। एनएमडीसी की सहभागिता से क्षेत्र के युवाओं को आधुनिक औद्योगिक कौशल सीखने और स्थानीय सहित अन्य क्षेत्रों में रोजगार के अवसर प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

सरगुजा और कोरबा में भी उद्योगों की भागीदारी

सरगुजा क्लस्टर के लिए साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) ने एंकर इंडस्ट्री पार्टनर बनने पर सहमति दी है। यहां टाटा IIS का चयन ऑपरेटिंग पार्टनर के रूप में किया गया है। एमओयू पर हस्ताक्षर की स्वीकृति के लिए प्रक्रिया जारी है।

कोरबा क्लस्टर के लिए एनटीपीसी कोरबा ने उद्योग भागीदार बनने की सहमति दी है, जबकि ऑपरेटिंग पार्टनर के चयन की प्रक्रिया चल रही है। रायपुर और रायगढ़ क्लस्टरों के लिए भी उद्योग भागीदारों के चयन की प्रक्रिया जारी है। रायपुर क्लस्टर के संबंध में हीरा ग्रुप के प्रश्नों का निराकरण किया जा चुका है, वहीं रायगढ़ क्लस्टर के लिए एनटीपीसी लारा से प्रारंभिक चर्चा की जा रही है।

हब-स्पोक मॉडल से मजबूत होगा प्रशिक्षण नेटवर्क

योजना के तहत हब आईटीआई को आधुनिक प्रशिक्षण और तकनीकी संसाधनों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। उनसे जुड़े स्पोक आईटीआई भी इन संसाधनों और विशेषज्ञता का लाभ उठा सकेंगे। इससे विभिन्न क्षेत्रों के युवाओं तक गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण की पहुंच बढ़ेगी।

उद्योगों की सीधी भागीदारी से प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों में समयानुसार बदलाव, प्रशिक्षकों के कौशल उन्नयन और विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा। इससे प्रशिक्षण और वास्तविक औद्योगिक जरूरतों के बीच की दूरी कम होगी।

कौशल विकास से आत्मनिर्भर बनेंगे युवा

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार शिक्षा, कौशल, उद्योग और रोजगार को आपस में जोड़कर युवाओं के लिए अवसरों का मजबूत तंत्र तैयार कर रही है। लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ का युवा केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि अपने कौशल और नवाचार के माध्यम से रोजगार सृजित करने वाला भी बने।

रोजगार, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि पीएम-सेतु योजना प्रदेश के युवाओं के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण पहल है। आईटीआई के आधुनिकीकरण और उद्योगों की प्रत्यक्ष भागीदारी से युवाओं को गुणवत्तापूर्ण एवं रोजगारपरक प्रशिक्षण मिलेगा। इससे रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के सचिव बसव राजू, संचालक हेमंत नंदनवार, एनएमडीसी के कार्यपालक निदेशक संजीव साही, सेल के पवन कुमार सहित संबंधित विभागों एवं औद्योगिक संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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