
राष्ट्रपति पुलिस पदक सहित 34 पदकों से अधिकारियों एवं जवानों का सम्मान, यात्री का जीवन बचाने वाले कर्मी को जीवन रक्षा पदक
CBN36 रायपुर, 12 अक्टूबर 2026। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने सोमवार को रायपुर के डब्ल्यूआरएस कॉलोनी स्थित इंस्टीट्यूट ग्राउंड में अपना 42वां स्थापना दिवस समारोह भव्य परेड और प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी के साथ मनाया। समारोह में बल के जवानों ने अनुशासन, साहस और परिचालन दक्षता का प्रदर्शन किया। वहीं, उत्कृष्ट सेवाओं के लिए अधिकारियों एवं जवानों को प्रतिष्ठित पदकों से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में आधुनिक सुरक्षा तकनीकों और डिजिटल पहलों के माध्यम से रेल यात्रियों तथा रेलवे संपत्ति की सुरक्षा को और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता भी प्रदर्शित की गई।

समारोह में रेलवे सुरक्षा बल की महानिदेशक सुश्री सोनाली मिश्रा, आईपीएस मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। इस अवसर पर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक श्री तरुण प्रकाश, मंडल रेल प्रबंधक श्री दयानंद, छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक, रेलवे सुरक्षा बल दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महानिरीक्षक श्री मुनव्वर खुर्शीद सहित रेलवे, पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तथा अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
भव्य परेड में दिखा अनुशासन और परिचालन कौशल

स्थापना दिवस समारोह का प्रमुख आकर्षण औपचारिक परेड रही। इसमें महिला टुकड़ी, CORAS कमांडो टुकड़ी, श्वान दस्ता और सेगवे टुकड़ी ने हिस्सा लिया। विभिन्न टुकड़ियों ने अपनी दक्षता, सतर्कता और कार्यक्षमता का प्रदर्शन करते हुए रेलवे सुरक्षा बल की बहुआयामी जिम्मेदारियों को रेखांकित किया।
महिला टुकड़ी की भागीदारी ने रेलवे सुरक्षा में महिला कार्मिकों के योगदान को उजागर किया, जबकि CORAS कमांडो टुकड़ी ने विशेष अभियानों के लिए बल की तैयारी और क्षमता का प्रदर्शन किया। श्वान दस्ते तथा आधुनिक उपकरणों से लैस टुकड़ियों ने सुरक्षा व्यवस्था में तकनीक और विशेष प्रशिक्षण की बढ़ती भूमिका को दर्शाया।
रेलवे सुरक्षा बल के जवान देशभर में रेल यात्रियों की सुरक्षा, रेलवे संपत्ति की रक्षा, अपराधों की रोकथाम और सुरक्षित रेल परिवेश सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्यरत हैं। परेड ने उनके अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण को प्रदर्शित किया।
34 पदकों से उत्कृष्ट सेवाओं का सम्मान

समारोह के दौरान रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारियों और जवानों को उनकी विशिष्ट सेवाओं, सराहनीय कार्यों तथा मानवीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, विशिष्ट सेवा के लिए तीन राष्ट्रपति पुलिस पदक, सराहनीय सेवा के लिए 30 पुलिस पदक तथा वर्ष 2024 में एक रेल यात्री का जीवन बचाने के लिए एक जीवन रक्षा पदक प्रदान किया गया।
इन सम्मानों में स्वतंत्रता दिवस 2025 और गणतंत्र दिवस 2026 के अवसरों पर घोषित पुरस्कार शामिल हैं। पदक प्राप्त करने वाले अधिकारियों एवं कार्मिकों ने कर्तव्य के प्रति निष्ठा, व्यावसायिक दक्षता और जनसेवा की भावना का परिचय दिया है।
जीवन रक्षा पदक विशेष रूप से मानवीय संवेदनशीलता और तत्परता का प्रतीक है। यह सम्मान दर्शाता है कि रेलवे सुरक्षा बल की भूमिका केवल रेलवे संपत्ति और यात्रियों की सुरक्षा तक सीमित नहीं, बल्कि संकट की परिस्थितियों में लोगों का जीवन बचाने और उनकी सहायता करने से भी जुड़ी है।
स्थापना से अब तक सुरक्षा व्यवस्था में हुआ विस्तार

रेलवे सुरक्षा बल की यात्रा भारतीय रेल की सुरक्षा के प्रति दशकों के समर्पण और बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप विकास की कहानी है। रेलवे सुरक्षा बल अधिनियम, 1957 ने बल को वैधानिक पहचान प्रदान की, जबकि 20 सितंबर 1985 को अधिनियम में संशोधन के माध्यम से इसे संघ के सशस्त्र बल का दर्जा मिला।
वर्ष 1962 में सीमावर्ती क्षेत्रों में रेलगाड़ियों की सुरक्षा के लिए विशेष आपातकालीन बल (SEF) का गठन किया गया, जिसे वर्ष 1965 में रेलवे सुरक्षा विशेष बल (RPSF) नाम दिया गया। रेलवे संपत्ति (अवैध कब्जा) अधिनियम, 1966 ने रेलवे संपत्ति की सुरक्षा के कानूनी प्रावधानों को मजबूत किया।
वर्ष 2003 में किए गए विधायी संशोधनों के माध्यम से रेलवे सुरक्षा बल की जिम्मेदारियों का विस्तार हुआ, जिसमें यात्रियों और यात्री क्षेत्रों की सुरक्षा भी शामिल है। वर्ष 2019 में बल को स्वापक औषधि एवं मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम (NDPS Act) की निर्धारित धाराओं के अंतर्गत कुछ शक्तियां भी प्रदान की गईं।
समय के साथ रेलवे सुरक्षा बल ने अपनी कार्यप्रणाली में बदलाव करते हुए आधुनिक तकनीक, डिजिटल निगरानी और अपराध विश्लेषण प्रणालियों को अपनाया है। इसका उद्देश्य रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी, त्वरित और तकनीक-सक्षम बनाना है।
प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी में दिखीं आधुनिक सुरक्षा पहलें

स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी में रेलवे सुरक्षा से जुड़ी आधुनिक तकनीकों और डिजिटल प्रणालियों का प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनी में ड्रोन गश्त, ह्यूमनॉइड रोबोट ‘अर्जुन’ (ARJUN), RPF ई-क्राइम एनालिसिस मॉड्यूल (ReCAM) और ई-फोरकास्टिंग रजिस्टर (EFRR) जैसी पहलें प्रमुख आकर्षण रहीं।
इसके साथ ही राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) से संबंधित डिजिटल उपकरणों, क्रिमिनल प्रोसीजर आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (CrPIS) और नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (NAFIS) का भी प्रदर्शन किया गया।
इन तकनीकों का उद्देश्य सुरक्षा संबंधी सूचनाओं का बेहतर विश्लेषण, अपराधों की पहचान, निगरानी व्यवस्था को मजबूत करना और परिचालन दक्षता बढ़ाना है। प्रदर्शनी ने स्पष्ट किया कि बदलती सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में डिजिटल समाधान और आधुनिक निगरानी प्रणालियां महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
सुरक्षित और यात्री-अनुकूल रेल सेवा का संकल्प

42वें स्थापना दिवस समारोह ने रेलवे सुरक्षा बल की गौरवशाली विरासत, उत्कृष्ट सेवाओं के सम्मान और भविष्य की तकनीक-आधारित सुरक्षा व्यवस्था की झलक प्रस्तुत की। परेड ने जवानों के अनुशासन एवं परिचालन तत्परता को प्रदर्शित किया, पदक अलंकरण ने कर्तव्यनिष्ठा और मानवीय योगदान को सम्मान दिया, जबकि प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी ने सुरक्षा के क्षेत्र में नवाचार की दिशा को रेखांकित किया।
रेलवे सुरक्षा बल की महानिदेशक सुश्री सोनाली मिश्रा ने रेल यात्रियों की सुरक्षा, संरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के प्रति बल की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने व्यावसायिक उत्कृष्टता, आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग, अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय तथा परिचालन दक्षता को मजबूत बनाने के महत्व पर जोर दिया।
रेलवे सुरक्षा बल ने अपने 42वें स्थापना दिवस पर एक बार फिर यह संकल्प दोहराया कि यात्रियों की सुरक्षा, रेलवे संपत्ति की रक्षा और भारतीय रेल को सुरक्षित बनाने के लिए वह पूरी निष्ठा, साहस और जिम्मेदारी के साथ कार्य करता रहेगा।
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