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August 28, 2026 9:23 pm

खाली लौटने वाली मालगाड़ियों में अब लद सकेगा माल, भाड़े में मिलेगी 20 फीसदी तक छूट

“दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने शुरू की ग्राहकों को जानकारी देने की पहल,रेलवे की नई पहल से उद्योग और कारोबारियों को राहत, परिवहन लागत घटने से नए बाजारों तक पहुंच बढ़ाने का मौका”

CBN36। भारतीय रेलवे ने खाली लौटने वाली मालगाड़ियों की क्षमता का उपयोग बढ़ाने के लिए नई पहल शुरू की है। इसके तहत मालगाड़ियों की उन वापसी दिशाओं में माल लदान को प्रोत्साहित किया जाएगा, जहां माल उतारने के बाद ट्रेनें सामान्यतः खाली लौटती हैं। ऐसी अधिसूचित दिशाओं में पात्र माल की ढुलाई पर सामान्य माल भाड़े में 15 से 20 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी।

रेलवे की इस पहल से जहां माल ग्राहकों को कम लागत में अपने उत्पाद दूर-दराज के क्षेत्रों तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा, वहीं रेलवे को भी अतिरिक्त माल यातायात प्राप्त होने की उम्मीद है।

एक अगस्त से लागू हुए संशोधित प्रावधान

परंपरागत खाली प्रवाह दिशा योजना (Traditional Empty Flow Directions) के तहत पहले से लागू सरलीकृत स्वचालित माल भाड़ा छूट योजना में संशोधित प्रावधान एक अगस्त 2026 से 31 जुलाई 2027 तक प्रभावी रहेंगे। निर्धारित शर्तों को पूरा करने वाले पात्र माल पर अधिसूचित दिशाओं में सामान्य माल भाड़े में 15 से 20 प्रतिशत तक छूट मिलेगी।

ग्राहक को नहीं करना होगा अलग से आवेदन

योजना की सबसे खास बात यह है कि पात्र माल खेप पर छूट का लाभ लेने के लिए ग्राहक को अलग से आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी। निर्धारित शर्तें पूरी होने पर रेलवे की व्यवस्था के माध्यम से माल भाड़े में छूट स्वतः लागू होगी।

हालांकि, यह सुविधा केवल रेलवे द्वारा अधिसूचित खाली प्रवाह दिशाओं और पात्र माल पर ही लागू होगी। माल की पात्रता, संबंधित दिशा, छूट की दर और अन्य शर्तें रेलवे के निर्धारित प्रावधानों के अनुसार होंगी।

खाली वापसी यात्रा का होगा बेहतर इस्तेमाल

दरअसल, रेलवे के कई मार्गों पर मालगाड़ियां एक दिशा में माल लेकर जाती हैं। माल उतारने के बाद इन्हें दूसरी दिशा में अक्सर खाली लौटना पड़ता है। रेलवे अब इसी खाली वापसी क्षमता का इस्तेमाल माल ढुलाई के लिए करना चाहता है।

यानी जिस दिशा में मालगाड़ी सामान्य तौर पर खाली लौटती है, उसी दिशा में पात्र माल लदान करने वाले ग्राहकों को कम माल भाड़े पर परिवहन की सुविधा मिल सकेगी।

उद्योग-व्यापार को मिलेगा दोहरा फायदा

रियायती माल भाड़े से उद्योगों और व्यापारियों की परिवहन लागत कम होने की उम्मीद है। इससे उत्पादों की कुल लागत को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। साथ ही कारोबारी अपने उत्पादों को दूर-दराज के क्षेत्रों और नए बाजारों तक अपेक्षाकृत कम लागत में पहुंचा सकेंगे।

माल ढुलाई की लागत घटने का असर उत्पादों की कीमतों पर भी पड़ सकता है। इससे बाजार में वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित रखने और महंगाई पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की संभावना है।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने शुरू की ग्राहकों को जानकारी देने की पहल

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की ओर से वर्तमान और संभावित माल ग्राहकों को इस योजना की जानकारी दी जा रही है। साथ ही उन दिशाओं में नए माल यातायात की संभावनाएं तलाशने के प्रयास किए जा रहे हैं, जहां मालगाड़ियां सामान्यतः खाली लौटती हैं।

रेलवे का मानना है कि इस पहल से खाली लौटने वाली मालगाड़ियों का बेहतर उपयोग होगा। साथ ही रेलवे संसाधनों की उत्पादकता बढ़ेगी और उद्योग एवं व्यापार जगत को किफायती परिवहन सुविधा मिलेगी।

सरल शब्दों में कहें तो जिस मालगाड़ी को एक दिशा में माल पहुंचाने के बाद खाली लौटना पड़ता था, अब उसी वापसी यात्रा में पात्र माल को रियायती दर पर ले जाने का रास्ता खुल गया है। इससे रेलवे को अतिरिक्त माल यातायात मिलेगा और कारोबारियों को परिवहन लागत घटाने का अवसर।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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