मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने दी बधाई, कहा-यह छत्तीसगढ़ के अन्नदाताओं और सुशासन की बड़ी उपलब्धि
कृषि सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी के प्रशासनिक नेतृत्व और विभागीय समन्वय से मिली राष्ट्रीय पहचान

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया सम्मानित, कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव और उप संचालक कृषि सूरज कुमार पंसारी ने ग्रहण किया पुरस्कार
CBN36 रायपुर, 12 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ ने कृषि विकास और किसान कल्याण के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। प्रधानमंत्री कृषि धन-धान्य योजना के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा जिले को देश में ‘सर्वश्रेष्ठ जिला’ के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह उपलब्धि राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों, प्रभावी प्रशासनिक नेतृत्व, विभागीय समन्वय और जमीनी स्तर पर योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन का परिणाम है।
नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दंतेवाड़ा जिले को यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया। जिले की ओर से कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव और उप संचालक कृषि सूरज कुमार पंसारी ने संयुक्त रूप से पुरस्कार ग्रहण किया।
मुख्यमंत्री साय ने दी बधाई, बताया अन्नदाताओं के परिश्रम का सम्मान
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर दंतेवाड़ा जिले के किसानों, जिला प्रशासन तथा कृषि विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह सम्मान छत्तीसगढ़ के मेहनतकश अन्नदाताओं के परिश्रम, शासन की किसान कल्याणकारी नीतियों और प्रशासनिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप राज्य सरकार कृषि को आधुनिक, लाभकारी और समृद्धि का मजबूत आधार बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विशेष रूप से बस्तर जैसे आदिवासी बहुल अंचल में कृषि विकास के क्षेत्र में मिली यह उपलब्धि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।
कृषि मंत्री नेताम ने कहा-किसानों की सहभागिता से स्थापित हुए नए कीर्तिमान
कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम ने दंतेवाड़ा को राष्ट्रीय सम्मान मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए किसानों और कृषि विभाग की पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि उत्पादकता में वृद्धि करने, उन्नत कृषि तकनीकों का विस्तार करने और परंपरागत खेती को आधुनिक संसाधनों से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि दंतेवाड़ा की सफलता इस बात का प्रमाण है कि सुनियोजित प्रयासों, विभिन्न विभागों के समन्वय और किसानों की सक्रिय सहभागिता से वनांचल एवं आदिवासी क्षेत्रों में भी कृषि विकास के नए कीर्तिमान स्थापित किए जा सकते हैं।
कृषि सचिव के मार्गदर्शन में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर
प्रदेश में कृषि योजनाओं के प्रभावी संचालन, नियमित समीक्षा और विभागीय समन्वय को मजबूत बनाने में कृषि उत्पादन आयुक्त एवं सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी के प्रशासनिक नेतृत्व की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनके मार्गदर्शन में कृषि विभाग द्वारा योजनाओं के परिणामोन्मुख क्रियान्वयन, नवाचारों को प्रोत्साहन और अंतिम छोर के किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
दंतेवाड़ा को मिला यह सम्मान राज्य स्तर पर प्रभावी प्रशासनिक मार्गदर्शन और जिला स्तर पर योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के समन्वित प्रयासों को रेखांकित करता है।
दूरस्थ गांवों के किसानों तक पहुंचाया योजनाओं का लाभ
प्रधानमंत्री कृषि धन-धान्य योजना के अंतर्गत दंतेवाड़ा जिले में दूरस्थ वनांचल गांवों के लघु एवं सीमांत किसानों तक कृषि योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए विशेष प्रयास किए गए। पारंपरिक कृषि पद्धतियों के साथ आधुनिक तकनीकों के समन्वय, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, जैविक एवं प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन तथा कृषि आदानों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया गया।
जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में कृषि, उद्यानिकी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास सहित विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित कर क्लस्टर आधारित गतिविधियों को बढ़ावा दिया गया। इसके साथ ही कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण और बाजार से जुड़ाव को प्रोत्साहित करने के प्रयास किए गए, जिससे किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण को गति मिली।
कलेक्टर ने किसानों और मैदानी अमले को दिया श्रेय
राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त होने पर कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने इस उपलब्धि का श्रेय जिले के मेहनती किसानों, कृषि विभाग के मैदानी अमले और विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों को दिया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने, प्राकृतिक खेती के विस्तार और किसानों की आजीविका को मजबूत बनाने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
दंतेवाड़ा को मिला यह राष्ट्रीय सम्मान बस्तर अंचल के साथ-साथ पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है। यह प्रदेश के अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणास्रोत है और कृषि विकास, किसान सशक्तिकरण तथा आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था के निर्माण की दिशा में राज्य के प्रयासों को नई पहचान देता है।
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